अयोध्या मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने के बाद उनके खिलाफ हाई-लेवल जांच के आदेश दिए गए हैं।
Ayodhya Medical College: अयोध्या मेडिकल कॉलेज पूर्व प्रिंसिपल की हाई लेवल जांच के आदेश |
डॉ. अतुल मोहन सिंह, लखनऊ: अयोध्या मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने के बाद उनके खिलाफ हाई-लेवल जांच के आदेश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर इस मामले की जांच चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक एवं आईएएस अधिकारी नेहा शर्मा को सौंपी गई है।
अवकाश में पास किए टेंडर, जारी किए चेक
शिकायत के अनुसार, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने अयोध्या मेडिकल कॉलेज में तैनाती के दौरान बीमारी के नाम पर अवकाश पर रहते हुए करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया। अवकाश के दौरान उन्होंने नियमानुसार अपना चार्ज दूसरे चिकित्सक को सौंपा था, फिर भी छुट्टी पर रहते हुए सरकारी धन का लेन-देन किया। 4 जनवरी से 19 जनवरी के बीच अवकाश पर रहते हुए उन्होंने 7 और 10 जनवरी को जैम पोर्टल के जरिए लगभग 84 लाख के सामान खरीद टेंडर्स को मंजूरी दी। वही 8 से 10 जनवरी के बीच उन्होंने 17 अलग-अलग चेकों पर हस्ताक्षर कर 1,28,90,990 का भुगतान करा दिया। कुल मिलाकर अवकाश की अवधि के दौरान ही 2.12 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन का संदिग्ध लेन-देन किया गया।
पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य ने खोली पोल
वित्तीय गड़बड़ी का यह पूरा मामला तत्कालीन कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा द्वारा शासन को भेजे गए शिकायती पत्र के बाद सामने आया। डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने 21 सितंबर 2023 को डॉ. सत्यजीत वर्मा से प्रभार लिया था। जब वे जनवरी में अवकाश पर गए, तो उन्होंने प्रभार डॉ. सत्यजीत को देने के बजाय डॉ. पारस खरबंदा को सौंपा, लेकिन इसके बावजूद वित्तीय अधिकार खुद इस्तेमाल करते रहे। बता दें कि शासन द्वारा उन्हें 16 जनवरी 2023 को पद से हटाने का आदेश भी जारी किया गया था।
आईएएस नेहा शर्मा करेंगी जांच
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव और महानिदेशक को भेजी गई शिकायत के आधार पर कराई गई प्राथमिक पड़ताल में आरोप सही पाए गए हैं। अब आईएएस अधिकारी नेहा शर्मा को मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है।
