प्रमोद दुबे
भोपालः लगभग 1 वर्ष से अधिक समय पूर्व वर्ष 2024 से मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर अचानक बंद किए गए मध्य प्रदेश के सभी आरटीओ चेक पोस्ट एक बार पुनः शुरू करने के संबंध में आज मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा आरटीओ चेक पोस्ट संपूर्ण मध्य प्रदेश में एक साथ खोलने के आदेश जारी कर दिए गए हैं । इसके साथ ही मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर ने कहा है कि आदेश का पालन तुरंत प्रभाव से होना है और अगर आदेश का पालन नहीं होता है तो इसे कंटेंट आफ कोर्ट जाएगा । ज्ञात हो कि 1 जून 2024 को मध्य प्रदेश में एक साथ सभी आरटीओ चेक पोस्ट बंद कर दिए गए थे ।
दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दिया आदेश
याचिका कर्ता रजनीश त्रिपाठी ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच में इस बाबत पिटीशन दायर की थी कि मध्य प्रदेश सरकार का यह फैसला जिसमें सभी आरटीओ चेक पोस्ट मध्य प्रदेश के सभी बॉर्डर एरिया से समाप्त कर दिए गए हैं , इन्हें तुरंत एवं आवश्यक रूप से प्रारंभ करना जरूरी है । याचिका कर्ता ने अपील के अंतर्गत कोर्ट के समक्ष स्पष्ट किया कि -आरटीओ चेक पोस्ट बंद होने के कारण ओवरलोडिंग एवं तस्करी सहित नियमों की अनदेखी, दुर्घटना जैसे कई मामले लगातार सामने आए हैं । मध्य प्रदेश सरकार की ओर से अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत किए गए जवाब पर हाई कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ । जस्टिस विशाल मिश्रा ने लगातार सुने इस मामले में स्पष्ट आदेश देते हुए आज कहा कि -30 दिवस के अंदर उपरोक्त आदेश का पालन करने के साथ-साथ मध्य प्रदेश के सभी चेक पोस्ट को तुरंत प्रभाव से खोला जाए । एवं ऐसी व्यवस्था लागू की जाए जिससे आवागमन एवं हादसे सहित उठाए गई सभी प्रश्नों पर कार्रवाई हो सके ।
न्यायालय की सख्त टिप्पणी: आदेश की अनदेखी नहीं
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार के जवाब को असंतोषजनक माना। जस्टिस विशाल मिश्रा ने सख्त नियमावली में कहा है कि सरकारी वकील के रूप में नियुक्त अधिकारी की नियुक्ति की गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वायर सरकार के पास कोई अन्य विकल्प नहीं है, लेकिन चेक पोस्ट का संचालन अनिवार्य है। उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि सभी बॉर्डर चेक पोस्ट को 30 दिनों के भीतर जजमेंट की प्रमाणित प्रति बैठक में शामिल किया जाना चाहिए। यदि सरकार इस समय सीमा में दिए गए आदेश का पालन नहीं करती है, तो तस्करों (न्यायालय की अवमानना) के लिए कार्रवाई स्वतंत्र होगी।