मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के बजट और विधायक कप को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक देखने को मिली।
MP Monsoon Session: विधानसभा में विधायक कप पर नोकझोंक, मंत्री सारंग ने दिया करारा जबाव |
MP Monsoon Session: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के बजट और विधायक कप को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक देखने को मिली। पूर्व मंत्री व कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने विधायक कप के लिए बजट न दिए जाने का मुद्दा उठाया, जिस पर खेल मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार करते हुए कांग्रेस शासनकाल और वर्तमान सरकार के खेल बजट की तुलना कर दी।
लखन घनघोरिया का सवाल
पूर्व मंत्री कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने प्रश्नकाल के दौरान सवाल उठाते हुए कहा कि पहले सभी विधानसभा क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विधायक कप आयोजित कराने के लिए बजट दिया जाता था, लेकिन पिछले दो सालों से यह राशि जारी नहीं की जा रही है। प्रदेश में सांसद कप और महापौर कप तो आयोजित हो रहे हैं, लेकिन विधायकों के लिए तय फंड रोक दिया गया है। आखिर विधायक कप के लिए स्वीकृत होने वाली यह राशि कहां जा रही है?
मंत्री सारंग का करारा पलटवार
कांग्रेस विधायक के आरोपों का जवाब देते हुए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने करारा जबाव देते हुए कहा कि विधायक कप के लिए मिलने वाली राशि पर्याप्त नहीं होती थी। इसलिए सरकार ने इसका स्वरूप बदलकर अब खेलो MP यूथ गेम्स की शुरुआत की है, ताकि खेल प्रतिभाएं निकलकर सामने आ सकें। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में खेल विभाग का कुल बजट महज 6 करोड़ रुपये हुआ करता था, जो आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार में बढ़कर 815 करोड़ रुपये हो गया है। हम केवल नेताओं की फोटो लगाने के लिए खेल प्रतियोगिताएं नहीं कराते, बल्कि हमारा उद्देश्य प्रतिभाओं को तराशना है।
विधायकों को प्रस्ताव देने का सुझाव
मंत्री सारंग ने कहा कि यदि कोई विधायक अपने क्षेत्र में विशेष खेल प्रतियोगिता कराना चाहता है, तो वह शासन को प्रस्ताव भेजे, उस पर विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की हर विधानसभा में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं।