Diwali 2026: प्रकाश पर्व दीपावली के दौरान आतिशबाजी और पटाखों से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं से निपटने के लिए राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। प्रशासन ने शहर के प्रमुख शासकीय अस्पतालों में गंभीर मरीजों के इलाज, बर्न यूनिट, दवाइयों और इमरजेंसी सेवाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एयर एंबुलेंस की सुविधा के साथ-साथ 108 एंबुलेंस सेवा की करीब 40 गाड़ियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
अस्पतालों में विशेष वार्ड और बेड की तैयारी
जेपी अस्पताल: यहां 8 बेड की विशेष बर्न यूनिट तैयार की गई है। इस यूनिट में ड्रेसिंग किट, एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक दवाइयां और आवश्यक मेडिकल उपकरण उपलब्ध हैं। साथ ही डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
हमीदिया अस्पताल: गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हमीदिया अस्पताल में 10 से अधिक बेड सुरक्षित रखे गए हैं।
एम्स भोपाल: एम्स भोपाल को भी पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। पटाखों के धुएं से अस्थमा और सांस के मरीजों की बढ़ने वाली परेशानियों को देखते हुए ऑक्सीजन, नेबुलाइजर और वेंटिलेटर की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
एडवाइजरी जारी, क्या करें, क्या न करें
क्या करें: पटाखों से जलने या चोट लगने की स्थिति में तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग और एम्स ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी एडवाइजरी के अनुसार जले हुए हिस्से को तुरंत साफ और बहते हुए ठंडे पानी से धोएं। सूजन आने से पहले हाथों से अंगूठी, घड़ी या कंगन सावधानी से हटा दें। आंखों में बारूद या कचरा जाने पर उसे रगड़ने के बजाय साफ पानी से धीरे-धीरे धोएं। गंभीर चोट लगने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें। आतिशबाजी हमेशा खुले स्थान पर, बड़ों की निगरानी में और सेफ्टी चश्मे पहनकर करें।
क्या न करें: जले हुए हिस्से पर भूलकर भी घी, तेल, टूथपेस्ट या कोई घरेलू लेप न लगाएं। त्वचा पर जले हुए चिपके कपड़ों को जबरदस्ती न खींचें। फफोलों को बिल्कुल न फोड़ें। अधजले पटाखों को दोबारा जलाने या छूने की कोशिश न करें।
मरजेंसी संपर्क नंबर
जेपी अस्पताल: 0755-2441977
हमीदिया अस्पताल: 9329384392
एम्स भोपाल: 0755-2970771, 0755-2970772, 0755-29702406
इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा: 108