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एनकाउंटर के खौफ में खूंखार नक्सली बारसे देवा ने हथियार डाले, 25 लाख का था ईनाम

एनकाउंटर के खौफ में खूंखार नक्सली बारसे देवा ने हथियार डाले, 25 लाख का था ईनाम

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के खूंखार नक्सली बारसे देवा ने सरेंडर कर दिया है। सरकार ने उस पर 25 लाख का इनाम रखा था।

एनकाउंटर के खौफ में खूंखार नक्सली बारसे देवा ने हथियार डाले  25 लाख का था ईनाम

सुकमाः छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद संगठन पूरी तरह सिमटता जा रहा है। एक बार फिर नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है। कुख्यात नक्सली बारसे देवा ने हथियार डाल दिए। मिली जानकारी के अनुसार माओवादी संगठन के बड़े नाम बारसे देवा ने अपने लगभग 15 साथियों के साथ सरेंडर किया है। उसने तेलंगाना में हथियार डाले हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, उसे एनकाउंटर का डर था। इसके चलते बारसे देवा ने 15 माओवादियों के साथ नेशनल पार्क क्षेत्र से निकलकर सरेंडर करने का फैसला लिया है। उन्होंने तेलंगाना डीजीपी के सामने सरेंडर किया है।

हिडमा का था करीबी

बारसे देवा पर सरकार ने 25 लाख रुपए का ईनाम रखा गया था। वह नक्सली कमांडर हिड़मा का करीबी था। हिड़मा के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद ही बारसे देवा के सरेंडर के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि बारसे देवा के पहले जगदलपुर में भी सरेंडर की खबरें आई थी।

क्या है सुकमा से नाता

नक्सली हिड़मा और बारसे देवा सुकमा के एक ही गांव पूवर्ती के रहने वाले थे। कमांडर होने के चलते बारसे देवा माओवादी पार्टी की सैन्य टुकड़ियों (सशस्त्र बलों) की गतिविधियों को संभाल रहा था। माओवादी पार्टी को हथियारों की सप्लाई में बारसे देवा की भूमिका बेहद अहम मानी जाती रही है।

ऑफिशियल पुष्टि होना बाकी

फिलहाल बारसे देवा और उसके साथियों के सरेंडर करने की अभी तक की ऑफिशियल पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों का यह भी कहना है कि तेलंगाना पुलिस बारसे देवा और अन्य नक्सलियों को जल्द ही मीडिया के सामने पेश कर सकती है। वहीं, मामले को लेकर बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी का कहना है कि पड़ोसी राज्य का है। ऐसे में वहां की पुलिस से लगातार कॉर्डिनेट करने की कोशिश की जा रही है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बल के जवानों की लगातार कार्रवाई और सरकार के चलाए जा रहे उन्मूलन योजनाओं के चलते नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे हैं। इसके साथ ही जो हथियार नहीं डाल रहे हैं, वह एनकाउंटर में ढेर हो रहे हैं।

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