सिटी कोतवाली क्षेत्र के रेलवेगंज में थोक किराना कारोबारी पंकज अग्रवाल की दुकान/घर से हुई करीब ढाई करोड़ रुपये की चोरी की वारदात विश्वास के खून की कथा निकली।
Hardoi Police: हरदोई पुलिस ने किया किराना कारोबारी से करोड़ो की चोरी का खुलासा |
बृजेश कबीर, हरदोई: सिटी कोतवाली क्षेत्र के रेलवेगंज में थोक किराना कारोबारी पंकज अग्रवाल की दुकान/घर से हुई करीब ढाई करोड़ रुपये की चोरी की वारदात विश्वास के खून की कथा निकली। घर और कारोबार की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारी ही साजिश के सूत्रधार निकले। कर्मचारियों ने घर में रखी बड़ी रकम की जानकारी साथियों तक पहुंचाई। इसके बाद योजना बनी और 16/17 जुलाई की दरमियानी रात कारोबारी को नशीला पदार्थ खिलाकर करोड़ों रुपये नकद समेटकर गिरोह चम्पत हो गया।
हाई प्रोफाइल वारदात से पुलिस के गुम हुए होशहवास
रेलवेगंज में किराना कारोबारी पंकज अग्रवाल के घर/दुकान से ढाई करोड़ रुपए की चोरी की वारदात से पुलिस महकमे का मुंह खुला का खुला रह गया और ऊपर सांस ऊपर और नीचे की नीचे रह गई। कई दिनों की जांच और लगातार दबिश के बाद सिटी कोतवाली पुलिस, स्वाट, सर्विलांस और एसओजी ने मामले का खुलासा करते हुए 14 शातिरों को गिरफ्तार किया है। दो बाल अपचारियों को भी अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर 1,28,99,310 रुपये बरामद हुए हैं।
मुनीम बहनोई निकला ’घर का भेदी’
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) सुबोध गौतम के अनुसार, वारदात का मास्टरमाइंड टड़ियावां थाना क्षेत्र के बेलहा का अजय शुक्ला है। उसका बहनोई पंकज अग्रवाल के यहां मुनीम था। इसी कारण कारोबार और घर में बड़ी मात्रा में नकदी रखे होने की जानकारी अजय तक पहुंचती रहती थी। पुलिस के मुताबिक, यही जानकारी करोड़ों की चोरी की साजिश की नींव बनी। अजय ने पहले विशाल उर्फ गोलू और बदन को योजना में शामिल किया। इसके बाद पंकज अग्रवाल के यहां काम करने वाले शोभित और दो नाबालिग कर्मचारियों से संपर्क बढ़ाया। पान की दुकान पर होने वाली मुलाकातें दोस्ती में बदलीं और करोड़ों रुपये चोरी की योजना तैयार कर ली गई।
सुबह टूटी कारोबारी की नींद, करोड़ों रुपये गायब देख कलेजा आया मुंह को
एएसपी गौतम के अनुसार, 16/17 की रात योजना सिरे चढ़ी। तीनों कर्मचारियों ने पंकज अग्रवाल को नशीला पदार्थ खिला दिया। जब वह गहरी नींद में सो गए तो गिरोह ने नघेटा पूर्वी के शिवम को पिकअप लेकर बुलाया। नकदी से भरे बैग वाहन में लादे गए और रात में ही हरदोई से निकल गए। सुबह कारोबारी की नींद खुली तो करोड़ों रुपये गायब देख कलेजा मुंह को आ गया। सूचना पर पुलिस के पहले हाथ-पांव ढीले पड़ गए, फिर होशहवास सम्भाले और सक्रिय हुई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों पर जांच बढ़ी। शक की सुई सबसे पहले घर में काम करने वाले कर्मचारियों की ओर घूमी। यहीं से पुलिस ने इस बड़ी चोरी की गुत्थी सुलझाने की शुरुआत की।
हरदोई से लखनऊ-बाराबंकी तक पहुंची जांच
पुलिस को आरोपियों की लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र में लोकेशन मिली। वहां मास्टरमाइंड अजय शुक्ला ने बाराबंकी के परिचित महफूज उर्फ लाली से संपर्क किया। महफूज ने मड़ियांव के हरिओम नगर के अमान को जोड़ा और आरोपियों के ठहरने का इंतजाम कराया। चोरी की इतनी बड़ी रकम एक स्थान पर रखने के बजाय गिरोह ने अलग-अलग हिस्सों में बांटकर कई लोगों के यहां रखवा दिया था। मकसद था, पुलिस को एक साथ पूरी रकम या गिरोह का कोई सुराग न मिल सके। लेकिन पुलिस की लगातार दबिश, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से एक-एक कर ठिकानों की लोकेशन मिलती गई। इसके बाद आरोपियों की निशानदेही पर 1,28,99,310 रुपये बरामद किए गए। बरामद रकम में 500, 200, 20 और 10 रुपये के नोट शामिल हैं।
दो बाल अपचारी भी पुलिस अभिरक्षा में
पुलिस ने टड़ियावां थाना क्षेत्र के बेलहा के अजय शुक्ला और विशाल उर्फ गोलू, कोतवाली देहात के पेड़ा गांव के शोभित, सिटी कोतवाली के नघेटा पूर्वी के बदन, केशव, शिवम और नीरज, सुरसा क्षेत्र के बर्रा डाल सिंह के परम किशोर, जमादार कॉलोनी के सनी वाल्मीकि, बेहटागोकुल क्षेत्र के कोडरा सरैया के प्रिंस, लखनऊ के मड़ियांव के दीपक साहू, सनी गुप्ता और अमान तथा बाराबंकी के महफूज उर्फ लाली को गिरफ्तार किया है। दो बाल अपचारियों को अभिरक्षा में लिया गया है।
अमान पर 11, अजय पर 2 मुकदमे
डिप्टी एसपी सिटी अजीत सिंह चौहान के अनुसार, अजय शुक्ला पर जनपद के टड़ियावां और लखनऊ के अलीगंज तथा अमान पर लखनऊ के विकास नगर थाने में पांच, हजरतगंज और अलीगंज में दो-दो, मड़ियांव और वजीरगंज में एक-एक मुकदमा दर्ज है।
अधिकांश आरोपी मजदूर, पांचवीं तक पढ़े
गिरोह के अधिकांश सदस्य मजदूरी पेशा हैं और पांचवीं कक्षा तक ही पढ़े हैं। पेशेवर अपराधी नहीं होने के बावजूद अंदरूनी जानकारी, लालच और सुनियोजित तरीके से तैयार की गई साजिश के दम पर आरोपियों ने जिले की सबसे बड़ी चोरी की वारदातों में एक को अंजाम दिया। पुलिस अब चोरी की शेष रकम की बरामदगी, गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और साजिश में शामिल सभी कड़ियों की पड़ताल कर रही है।
इन पुलिस टीमों ने खोला करोड़ों की चोरी का खेल
सनसनीखेज वारदात के खुलासे में सिटी कोतवाली के उप निरीक्षक विजय कुमार, कैलाश नाथ यादव, वासु कुमार, हेड कांस्टेबल अर्पित तोमर, कांस्टेबल सुरजीत, चंदेल गौतम, अनुराग यादव, रिजर्व कांस्टेबल वीर सिंह यादव, अनुराग यादव, विवेक पटेल, धीरेंद्र यादव, विकास यादव, हर्ष नायक, साजिद हुसैन, अंकित पाल और हेमंत यादव शामिल रहे। स्वाट/सर्विलांस/एसओजी से उप निरीक्षक राजेश यादव, अब्दुल जब्बार, हेड कांस्टेबल अनिल सिंह चंदेल, आकाश कुमार, आनंद विश्वकर्मा, सागर चौधरी, कांस्टेबल मंशेष कुमार, विवेक कुमार, बृजेंद्र, आदित्य प्रताप सिंह, राजकुमार, ओमवीर सिंह, नितिन कुमार और यादवेंद्र सिंह ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।