हरदा के छीपाबड़ इलाके में स्टेट हाईवे किनारे गेहूं के खेतों में भीषण आग लगने से करीब 70 एकड़ फसल जलकर राख हो गई। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है, किसानों में चिंता का माहौल है।
हरदाः मध्य प्रदेश के हरदा जिले के छीपाबड़ इलाके में सोमवार को अचानक अफरा-तफरी मच गई। स्टेट हाईवे के किनारे लगे गेहूं के खेतों में अचानक आग भड़क उठी और कुछ ही देर में उसने बड़ा रूप ले लिया। देखते-देखते करीब 70 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। घटना के बाद किसानों में चिंता और मायूसी साफ नजर आई। कई लोग अपने खेतों की तरफ दौड़ते दिखे, लेकिन आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में बड़ी जमीन इसकी चपेट में आ गई।
खेतों में अचानक भड़की आग
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे आग लगने की सूचना प्रशासन को मिली। इसके बाद फायर ब्रिगेड और छीपाबड़ पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। आसपास के ग्रामीण भी बाल्टियों और पाइप की मदद से आग बुझाने में जुट गए, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। खेतों में खड़ी फसल देखते-देखते राख बनती चली गई।
70 एकड़ से ज्यादा गेहूं की फसल प्रभावित
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 70 एकड़ में लगी गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। इसमें कई किसानों की मेहनत एक ही दिन में खत्म हो गई। प्रभावित किसान राजपूत ने बताया कि जिस समय खेत में आग लगी, वहां कोई मौजूद नहीं था। उनका कहना है कि उनकी करीब 50 एकड़ फसल पूरी तरह प्रभावित हुई है। इसके अलावा आसपास के चार अन्य किसानों के खेत भी आग की चपेट में आ गए।
हाईवे पर छा गया घना धुआं
आग इतनी भीषण थी कि नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे पर धुएं का घना गुबार फैल गया। कुछ देर के लिए सड़क पर हालात ऐसे हो गए कि दस फीट आगे तक भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। इसके कारण वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। हालांकि जैसे-जैसे आग पर काबू पाया गया, धुआं धीरे-धीरे कम होता गया और बाद में हाईवे पर यातायात सामान्य हो सका।
किसानों को सहायता का भरोसा
खिरकिया की एसडीएम शिवांगी बघेल ने बताया कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को शासन की ओर से मिलने वाली सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।