ग्वालियर के अक्षया यादव हत्याकांड में सामने आया कि हमला सोनाक्षी शर्मा को निशाना बनाकर किया गया था। जांच में साजिश और हथियारों की पूरी कहानी सामने आई।
प्रशांत शर्मा,ग्वालियर। माधौगंज थाना क्षेत्र में मेस्कॉट अस्पताल के सामने वर्ष 2023 में हुई 16 वर्षीय छात्रा अक्षया यादव की सनसनीखेज हत्या का मामला आज भी लोगों को झकझोर देता है। इस हत्याकांड की सबसे दर्दनाक सच्चाई यह थी कि बदमाशों का असली निशाना अक्षया नहीं, बल्कि उसकी सहेली सोनाक्षी शर्मा थी। दोस्ती का प्रस्ताव ठुकराने से बौखलाए सिरफिरे युवक ने सोनाक्षी को गोली मारने की योजना बनाई थी, लेकिन फायरिंग के दौरान निशाना चूक गया और गोली अक्षया के सीने में जा धंसी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
जांच में सामने आया कि सिकंदर कंपू निवासी कक्षा 11वीं की छात्रा अक्षया यादव अपनी सहेली सोनाक्षी के साथ घर लौट रही थी। तभी पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। वारदात के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी सुमित रावत और उसके भाई उपदेश रावत, निवासी आर्मी बजरिया की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सुमित रावत लंबे समय से सोनाक्षी पर दोस्ती का दबाव बना रहा था। प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद वह लगातार उसे और उसके परिवार को परेशान कर रहा था। इस संबंध में सोनाक्षी की ओर से माधौगंज थाने में दो बार शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। शिकायतों के बावजूद आरोपी की हरकतें नहीं रुकीं और उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली।
पृथ्वीराज ने उपलब्ध कराए थे कट्टे
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि वारदात में इस्तेमाल किए गए देशी कट्टे गुढ़ा निवासी पृथ्वीराज चौहान ने आरोपियों को उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक कट्टा मुरैना निवासी शिवम गुर्जर के खाली भूखंड में रखी बोरी से, दूसरा पृथ्वीराज चौहान के घर से और तीसरा उपदेश रावत के कब्जे से बरामद किया। फोरेंसिक जांच में पुष्टि हुई कि इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल हत्या में किया गया था।
कृष्णा होटल और गोल्डन विलेज में रची गई थी साजिश
पुलिस विवेचना में यह भी सामने आया कि हत्या की पूरी साजिश कंपू क्षेत्र स्थित कृष्णा होटल और गोल्डन विलेज होटल में रची गई थी। 9 जुलाई 2023 को चारों आरोपी कृष्णा होटल के एक कमरे में शराब पीते हुए वारदात की योजना बना रहे थे। होटल प्रबंधक ऐहसान बेग ने अपने बयान में बताया कि उसने आरोपियों को सोनाक्षी की हत्या की बात करते हुए सुना था।
इसके अलावा गोल्डन विलेज होटल के कमरा नंबर 301 में भी आरोपी अपने साथी राहुल सुर्वे के साथ ठहरे थे, जहां उन्होंने वारदात की अंतिम रूपरेखा तैयार की। इसके बाद रेकी कर घटना को अंजाम दिया गया, लेकिन निशाना चूकने से सोनाक्षी बच गई और निर्दोष अक्षया यादव को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह हत्याकांड एकतरफा जुनून, अस्वीकार किए गए रिश्ते और आपराधिक मानसिकता का ऐसा उदाहरण बन गया, जिसने पूरे ग्वालियर को झकझोर कर रख दिया। तीन वर्ष बाद भी इस वारदात की भयावहता लोगों के जेहन से मिट नहीं सकी है।
पूर्व डीजीपी की नातिन थी मृतका
मृतका अक्षया यादव पूर्व डीजीपी सुरेंद्र यादव की नातिन थी इसलिए हाईप्रोफाइल हत्याकांड में पुलिस ने फूंक-फूंक कर कदम रखा। फिर हत्याकाण्ड में शामिल सभी आरोपियों को पकड़ लिया।