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Akshaya Murder Case Verdict

न्याय: अक्षया हत्याकांड में जिला कोर्ट का बड़ा फैसला; 3 साल बाद चार दोषियों को उम्रकैद

ग्वालियर की सड़कों पर 16 वर्षीय छात्रा अक्षया यादव की दिनदहाड़े हुई हत्या के बहुचर्चित मामले में जिला न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया। चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।


न्याय अक्षया हत्याकांड में जिला कोर्ट का बड़ा फैसला 3 साल बाद चार दोषियों को उम्रकैद

District Court Major Decision |

चंद्रवेश पांडेय,ग्वालियर। तीन वर्ष पूर्व कोचिंग से लौट रही 16 वर्षीय छात्रा अक्षया यादव की सरेआम गोली मारकर हत्या करने के मामले में जिला न्यायालय ने चारों आरोपियों को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोषियों में सुमित रावत (21), उसका भाई मोंटी उर्फ उपदेश रावत (28), राहुल उर्फ बाला सुरवे (30) तथा पृथ्वीराज चौहान (30) शामिल हैं। इनमें तीन आरोपी पहले से जेल में बंद हैं, जबकि एक आरोपी जमानत पर बाहर था।

चतुर्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेश सिंह जमरा ने बुधवार को 52 पृष्ठों के फैसले में चारों आरोपियों को दोषसिद्ध ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायालय ने अपने निर्णय में अभियोजन द्वारा प्रस्तुत गवाहों, दस्तावेजी साक्ष्यों और अन्य प्रमाणों को महत्वपूर्ण माना।

क्या है पूरा मामला

यह घटना 10 जुलाई 2023 की है। उस शाम अक्षया यादव अपनी सहेली सोनाक्षी शर्मा के साथ लक्ष्मीबाई कॉलोनी स्थित कोचिंग से स्कूटी (एमपी-07 एसजी-1538) से घर लौट रही थी। शाम करीब साढ़े सात बजे बेटी बचाओ चौराहे से तिलक नगर की ओर जाते समय मोटरसाइकिल पर आए आरोपियों ने उनका पीछा किया। मुख्य आरोपी सुमित रावत ने 315 बोर के कट्टे से दो गोलियां चलाईं, जिनमें एक अक्षया के हाथ और दूसरी उसकी छाती में लगी। गोली लगते ही वह स्कूटी सहित सड़क पर गिर पड़ी। फायरिंग में सोनाक्षी शर्मा भी घायल हुई, जिसके हाथ में छर्रे लगे। सोनाक्षी ने तत्काल एक ऑटो की मदद से अक्षया को जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

माधवगंज थाना क्षेत्र में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया था और बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन दिन के भीतर तीन मुख्य आरोपियों को हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया था, जबकि चौथा आरोपी करीब डेढ़ महीने बाद पकड़ा गया।

26 गवाहों की गवाही बनी मजबूत आधार

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 26 गवाहों के बयान दर्ज कराए, जबकि बचाव पक्ष ने एक गवाह पेश किया। मृतका की सहेली सोनाक्षी शर्मा और उसकी मां करुणा शर्मा इस मामले की प्रमुख गवाह रहीं। मुकदमे के दौरान दोनों को लगातार धमकियों और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें कुछ समय के लिए शहर छोड़ना पड़ा था।

3 साल बाद पीड़िता को मिला न्याय

अतिरिक्त जिला लोक अभियोजक कुलदीप दुबे ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान और दस्तावेजी प्रमाण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला न केवल अक्षया यादव के परिवार के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि बेटियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में कानून के सख्त संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।

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