उत्तर प्रदेश से चौंकाने वाला मामला। कानपुर से उन्नाव शादी में जा रहे दो लोग गूगल मैप के शॉर्टकट के कारण गलत रास्ते पर भटक गए। कार अचानक नाले में जा गिरी, हालांकि दोनों सुरक्षित बाहर निकल आए।
कानपुर। कभी-कभी तकनीक पर ज्यादा भरोसा भी मुसीबत खड़ी कर देता है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर और उन्नाव के बीच सामने आया। जहां शादी समारोह में जा रहे दो लोग गूगल मैप के बताए शॉर्टकट के कारण गलत रास्ते पर पहुंच गए।
रात के अंधेरे में जब उन्हें रास्ता समझ नहीं आया और कार मोड़ने का प्रयास किया। तभी जो हुआ उसकी कल्पना भी नहीं की थी। दरअसल, कार मुड़ते ही अपना संतुलन खो बैठी और आधे से ज्यादा नाले में जा गिरी। गनीमत रही कि कार में बैठे दोनों लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
शादी में जा रहे थे, रास्ता बना मुसीबत
जानकारी के मुताबिक कानपुर के नौबस्ता निवासी सुनील कुमार और संदीप शुक्रवार रात करीब 10 बजे कार से उन्नाव के बारासगवर क्षेत्र के भगवंतखेड़ा गांव जा रहे थे। वहां उनके परिचित सूर्यपाल यादव के घर शादी समारोह था। रास्ता ठीक से पता नहीं होने के कारण उन्होंने मोबाइल में Google Maps खोलकर भगवंतखेड़ा की लोकेशन डाल दी। मैप के मुताबिक यह जगह लालकुआं से करीब एक किलोमीटर दूर बताई गई थी।
शॉर्टकट ने भटका दिया रास्ता
गूगल मैप के निर्देशों का पालन करते हुए कार चला रहे संदीप ने आनंदी देवी मंदिर से रुझई मार्ग की तरफ गाड़ी मोड़ दी। शुरुआत में रास्ता सामान्य लगा, लेकिन थोड़ी दूर जाने के बाद सड़क कच्ची होती चली गई। कुछ देर बाद तो ऐसा लगा जैसे रास्ता सिर्फ पैदल चलने के लिए ही है. तब उन्हें शक हुआ कि शायद वे गलत दिशा में आ गए हैं।
कार मोड़ते समय नाले में गिरी गाड़ी
जब दोनों ने कार वापस मोड़ने की कोशिश की, उसी दौरान गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया। सड़क किनारे बने नाले में कार का पिछला हिस्सा फिसल गया और देखते ही देखते गाड़ी आधे से ज्यादा नाले में जा धंसी। घटना के बाद दोनों किसी तरह कार से बाहर निकले। आसपास ज्यादा लोग नहीं थे, इसलिए उन्होंने पहले खुद को संभाला और फिर किसी तरह दूसरे साधन से शादी समारोह तक पहुंचे।
अगले दिन हाइड्रा मशीन से निकाली गई कार
दूसरे दिन की सुबह स्थानीय लोगों की मदद से हाइड्रा मशीन बुलाकर कार को नाले से बाहर निकाला गया। कार को काफी नुकसान पहुंचा, लेकिन राहत की बात यही रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। संदीप के अनुसार, अगर गूगल मैप शॉर्टकट न दिखाता तो वे शायद इस रास्ते पर जाते ही नहीं।
पुलिस को नहीं मिली आधिकारिक सूचना
इस मामले में बीघापुर थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि घटना की कोई औपचारिक सूचना थाने में दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि स्थानीय लोगों से उन्हें घटना के बारे में जानकारी जरूर मिली है। तकनीक आज हमारी जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन चुकी है, लेकिन यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि रात के समय अनजान जगहों पर सिर्फ नेविगेशन पर भरोसा करना कभी-कभी जोखिम भरा भी हो सकता है। कई बार स्थानीय लोगों से रास्ता पूछ लेना ज्यादा सुरक्षित साबित होता है।