Breaking News
  • डिप्टी CM केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग: 2000 फीट ऊंचाई पर अचानक डिस्प्ले बंद हुआ, अंदर धुआं भरा
  • टी20 वर्ल्ड कप: अहमदाबाद में इतिहास रचने से एक कदम दूर टीम इंडिया
  • ईरान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी, फिर कतर पर हमला, अमेरिका बोला आज होगा अब तक का सबसे बड़ा अटैक
  • मिडिल ईस्ट जंग का असर भारत की रसोई पर! घरेलू LPG सिलेंडर 60 रुपए महंगा
  • कर्नाटक में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बंद
  • 23 साल पुराने पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में राम रहीम बरी, हाईकोर्ट ने कहा– साजिश के पुख्ता सबूत नहीं

होम > प्रदेश

BJP Leader Arrested in Opium Case

दुर्ग में BJP नेता के खेत में 7.88 करोड़ अफीम की खेती, पुलिस ने किया गिरफ्तार, पार्टी ने लिया एक्शन

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकर को डेढ़ एकड़ में अफीम की खेती के मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने करीब 7.88 करोड़ की अवैध फसल जब्त की है।


दुर्ग में bjp नेता के खेत में 788 करोड़ अफीम की खेती पुलिस ने किया गिरफ्तार पार्टी ने लिया एक्शन

BJP Leader Arrest In Opium farming |

दुर्गः छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां समोदा गांव में एक खेत में बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक खेत में करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अफीम की खेती की गई थी। पुलिस का कहना है कि बरामद फसल की कीमत करीब 7.88 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामला सामने आते ही इलाके में हलचल मच गई, और राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई।

6 मार्च को पुलिस की रेड, खेत में मिले अफीम के पौधे

पुलिस को अवैध खेती की सूचना मिली थी। इसके बाद 6 मार्च को समोदा गांव में रेड डाली गई। रेड के दौरान खेत में बड़ी संख्या में अफीम के पौधे मिले, जो करीब डेढ़ एकड़ में लगाए गए थे। पुलिस ने मौके से फसल जब्त की और जांच शुरू कर दी। मामले के तूल पकड़ते ही पार्टी ने भी कार्रवाई करते हुए विनायक ताम्रकर को सस्पेंड कर दिया।

भूपेश बघेल का प्रशासन पर गंभीर आरोप

मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति भी गर्म हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 7 मार्च को उस खेत में पहुंचे, जहां अफीम की खेती की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी का फार्महाउस करीब 150 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें चारागाह की जमीन भी शामिल है। बघेल ने कहा कि आरोपी का सांसद, विधायक और कलेक्टर से उठना-बैठना है, इसी वजह से इतने दिनों तक कार्रवाई नहीं हुई। बघेल ने सरकार से सवाल भी किया कि इस अवैध खेती में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए।

खेत में पहुंचे ग्रामीण, पुलिस से झूमाझटकी

जब यह खबर गांव में फैली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग खेत में पहुंच गए। पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच झूमाझटकी हो गई। हालात को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। कुछ देर तक माहौल काफी तनावपूर्ण रहा।

विनायक ताम्रकर सफाई में क्या बोले

मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकर ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि जिस जमीन में अफीम की खेती मिली है, वह उनकी नहीं है। ताम्रकर के मुताबिक जमीन अधिया (आधी फसल के समझौते) पर दी गई थी और उन्हें इस खेती की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ पुरानी रंजिश के कारण कार्रवाई की जा रही है।

सरपंच पर भी लगाए आरोप

विनायक ताम्रकर ने समोदा के सरपंच अरुण गौतम पर भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरपंच ने आपराधि क छवि छिपाकर नामांकन भरा था। इसकी शिकायत उन्होंने पहले एसडीएम कार्यालय में की थी। ताम्रकर ने यह भी कहा कि करीब 10 साल पहले उनकी पत्नी सरपंच थीं, उस समय रेत रॉयल्टी से जुड़े 23 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया था। उस मामले में कार्रवाई के बाद राशि की रिकवरी भी हुई और उन्हें छह साल के लिए निलंबित किया गया था। ताम्रकर का कहना है कि उसी पुराने विवाद के कारण अब उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है। 

जांच जारी, कई सवाल बाकी

फिलहाल पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी जमीन पर अफीम की खेती कब से चल रही थी और किसके संरक्षण में। गांव में लोग भी यही चर्चा कर रहे हैं कि अगर यह खेती लंबे समय से हो रही थी, तो प्रशासन को इसकी भनक पहले क्यों नहीं लगी… यही सवाल अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है।

Related to this topic: