इंदौर में रिंग रोड के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन

इंदौर में रिंग रोड के विरोध में उतरे किसान, अर्धनग्न होकर कलेक्ट्रेट घेरकर प्रदर्शन

इंदौर में रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने अर्धनग्न होकर कलेक्ट्रेट घेरा। मुआवजा, पुनर्वास और पारदर्शिता को लेकर उठाए सवाल।

By : संजय चतुर्वेदी
इंदौर में रिंग रोड के विरोध में उतरे किसान, अर्धनग्न होकर कलेक्ट्रेट घेरकर प्रदर्शन

Farmer Protest News

इंदौरः मध्य प्रदेश के इंदौर में रिंग रोड परियोजना को लेकर किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। सैकड़ों किसान अर्धनग्न अवस्था में कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। गले में पुराने सम्मान के मेडल और शील्ड टांगे किसानों ने कहा कि जब जमीन ही नहीं बचेगी तो इन सम्मानों का क्या अर्थ रह जाएगा। उनका आरोप है कि सरकार विकास के नाम पर उनकी रोजी-रोटी छीन रही है।

रिंग रोड परियोजना के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन

किसानों का कहना है कि पूर्वी आउटर रिंग रोड के लिए उनकी उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहित की जा रही है। उनका दावा है कि क्षेत्र में पहले से RI-2, RI-3 और बाईपास जैसी सड़कें मौजूद हैं, इसके बावजूद नई सड़क के नाम पर जमीन ली जा रही है। किसानों के अनुसार करीब 1,200 परिवार इस परियोजना से प्रभावित होंगे।

'जमीन गई तो परिवार भूखे मरेंगे'

प्रदर्शन में शामिल किसानों ने साफ कहा कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। जमीन चली गई तो भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उनका आरोप है कि सिहंस्थ की तैयारियों के नाम पर अनावश्यक परियोजनाएं चलाई जा रही हैं, जबकि मौजूदा सड़कें पर्याप्त हैं।

'एक इंच जमीन नहीं देंगे'

किसानों ने सरकार पर 'कंक्रीट का जंगल” खड़ा करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि मालवा-निमाड़ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था खेती पर टिकी है। यदि उपजाऊ जमीन खत्म हुई तो किसान कहां जाएंगे? उन्होंने चेतावनी दी कि वे अपनी जमीन का एक इंच भी नहीं देंगे।

मुआवजा और सर्वे प्रक्रिया पर सवाल

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मुआवजा दर बाजार मूल्य के अनुरूप तय नहीं की गई है। सर्वे प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और आपत्तियों पर व्यक्तिगत सुनवाई नहीं हो रही। किसानों का कहना है कि अधिग्रहण प्रक्रिया जल्दबाजी में आगे बढ़ाई जा रही है।

मेडल पहनकर जताया विरोध

कई किसानों ने बताया कि उन्हें पहले कृषि उत्पादन और सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया जा चुका है। वे वही मेडल पहनकर विरोध दर्ज कराने पहुंचे। उनका कहना था कि जब सम्मान मिला तब वे विकास के भागीदार थे, लेकिन आज अपनी ही जमीन बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

किसानों की मुख्य मांगें

-बाजार दर के अनुरूप उचित मुआवजा

-सर्वे प्रक्रिया में पारदर्शिता

-पुनर्वास नीति स्पष्ट की जाए

-आपत्तियों पर व्यक्तिगत सुनवाई

-मांगें पूरी न होने पर आंदोलन जारी रहेगा

संबंधित सामग्री

MP Farmers: MP किसानों की बल्ले बल्ले, CM मोहन का बड़ा ऐलान

MP Farmers: MP किसानों की बल्ले बल्ले, CM मोहन का बड़ा ऐलान

मध्यप्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के मुखिया मोहन यादव ने किसानों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है।

Aug 12, 2026
Sagar Collectorate: उल्दन बांध प्रभावितों का कलेक्ट्रेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू

Sagar Collectorate: उल्दन बांध प्रभावितों का कलेक्ट्रेट के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू

बंडा सिंचाई परियोजना के अंतर्गत बन रहे उल्दन बांध से प्रभावित ग्राम उल्दन (तहसील बंडा) के दर्जनों ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर आज (20 जुलाई) से कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रद

Jul 20, 2026
मध्यप्रदेश में कमजोर मानसून से खेती पर संकट: सिर्फ 30% बोवनी, किसानों की बढ़ी चिंता 

मध्यप्रदेश में कमजोर मानसून से खेती पर संकट: सिर्फ 30% बोवनी, किसानों की बढ़ी चिंता 

मध्यप्रदेश में मानसून की कमजोरी के कारण केवल 30% खरीफ फसल की बोवनी हुई है, जिससे किसानों में चिंता बढ़ी है। राज्य सरकार और केंद्र को राहत योजना पर ध्यान देने की जरूरत है।

Jul 02, 2026
योगी को किसानों ने पहले कहा था ‘ना’, अब उसी जेवर एयरपोर्ट की उड़ान ने बदल दी तस्वीर

योगी को किसानों ने पहले कहा था ‘ना’, अब उसी जेवर एयरपोर्ट की उड़ान ने बदल दी तस्वीर

जेवर एयरपोर्ट के लिए किसानों की ऐतिहासिक यात्रा, सीएम योगी से मुलाकात, जमीन अधिग्रहण से विकास तक की पूरी कहानी सामने आई।<br/>

Jun 15, 2026
धमतरी में ED की बड़ी कार्रवाई, भारतमाला घोटाले में पूर्व मंत्री के रिश्तेदार और कारोबारियों पर शिकंजा

धमतरी में ED की बड़ी कार्रवाई, भारतमाला घोटाले में पूर्व मंत्री के रिश्तेदार और कारोबारियों पर शिकंजा

धमतरी और अभनपुर में ED की बड़ी छापेमारी, भारतमाला घोटाले से जुड़ा मामला। पूर्व मंत्री के रिश्तेदार और जमीन कारोबारियों पर जांच तेज, दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।

Apr 27, 2026