प्रयागराज में हनुमंत कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने ज्ञानवापी रुद्राभिषेक और लेंसकार्ट विवाद पर बयान दिया। भारी भीड़ और सुरक्षा के बीच कथा शुरू।
प्रयागराज में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर Dhirendra Krishna Shastri की हनुमंत कथा मंगलवार से शुरू हो गई है। कथा से पहले उनके बयान एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं, जहां उन्होंने ज्ञानवापी और लेंसकार्ट विवाद को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
मंदिरों में भीड़, सड़कों पर तूफान चाहिए
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शास्त्री ने कहा “हमें मंदिरों में भीड़ चाहिए, सड़कों पर तूफान चाहिए… राम राज्य से भरा हिंदुस्तान चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि काशी स्थित ज्ञानवापी में एक दिन जरूर रुद्राभिषेक होगा और “जो कलंक बताया जा रहा है, वह मिटेगा।”
ज्ञानवापी और राम मंदिर पर बयान
शास्त्री ने कहा कि जैसे अयोध्या में राम मंदिर बना, वैसे ही आने वाले समय में ज्ञानवापी पर भी भगवा लहराएगा। यह बयान एक बार फिर राजनीतिक और धार्मिक बहस को हवा दे रहा है, खासकर ऐसे समय में जब देश में धार्मिक स्थलों को लेकर चर्चा तेज है।
लेंसकार्ट विवाद पर तीखी टिप्पणी
हाल ही में लेंसकार्ट के ड्रेस कोड विवाद पर भी उन्होंने सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “लेंसकार्ट वाले लाहौर में कंपनी खोल लें… भारत में काहे को मर रहे हैं।” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, हालांकि कंपनी पहले ही अपने पुराने गाइडलाइन डॉक्यूमेंट पर सफाई और माफी दे चुकी है।
प्रयागराज में भव्य कथा, भारी सुरक्षा
Prayagraj के यमुना किनारे करीब 13 हजार स्क्वायर फीट में विशाल पंडाल बनाया गया है।
- करीब 20-22 हजार श्रद्धालु पहले दिन पहुंचे
- 8 एंट्री गेट बनाए गए
- 3000 पुलिसकर्मी तैनात
- 500 CCTV कैमरे और ड्रोन निगरानी
पूरे इलाके को सुरक्षा के लिहाज से हाई अलर्ट पर रखा गया है।
कथा में राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव भी
इस कथा के यजमान एक स्थानीय BJP नेता हैं, और आयोजन में कई बड़े स्तर के लोग शामिल हो रहे हैं। पहले भी यहां फिल्मी और खेल जगत की हस्तियां पहुंच चुकी हैं।