मध्य प्रदेश के धार में भीषण सड़क हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 6 बच्चे शामिल हैं। टायर फटने से पिकअप पलटा और स्कॉर्पियो से टकरा गया। कई घायल इंदौर रेफर किए गए।
मध्य प्रदेश के धार जिले में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार पिकअप वाहन का टायर फटने के बाद वह अनियंत्रित होकर पलट गया और सामने से आ रही स्कॉर्पियो से जा टकराया। इस भीषण दुर्घटना में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।हादसा चिकलिया फाटा स्थित जियो पेट्रोल पंप के पास करीब साढ़े 8 बजे हुआ। मृतकों में 6 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पिकअप वाहन में करीब 46 से 50 मजदूर सवार थे और वाहन लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा था। अचानक टायर फटने के कारण चालक का नियंत्रण खो गया और पिकअप तीन से चार बार पलटते हुए डिवाइडर पार कर रॉन्ग साइड में पहुंच गया।इसी दौरान सामने से आ रही स्कॉर्पियो से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद वाहन कई बार पलटा, जिससे कई लोग मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गए।

16 की मौत कई घायल
इस हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें बच्चे, महिलाएं और युवा मजदूर शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। 7 गंभीर घायल इंदौर रेफर किए गए, करीब 15 लोगों का इलाज धार जिला अस्पताल में चल रहा है, कुछ घायलों का निजी अस्पतालों में उपचार जारी है. स्थानीय अस्पतालों में भीड़ और संसाधनों की कमी के चलते कई मरीजों को जमीन पर रखकर इलाज देना पड़ा।
पीएम नरेंद्र मोदी ने जताया दुख

सीएम ने किया मुआवजे का एलान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही सभी घायलों का मुफ्त इलाज कराने के निर्देश दिए गए हैं।प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से भी आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।
सवालों के घेरे में सड़क सुरक्षा
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग जैसे मुद्दों को उजागर कर दिया है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और टायर फटना मुख्य कारण माना जा रहा है।विपक्ष ने मामले की विस्तृत जांच की मांग की है और मृतकों के लिए अधिक मुआवजे की अपील की है। प्रशासन अब वाहन की फिटनेस और ओवरलोडिंग की भी जांच कर रहा है।