दतिया उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने प्रचार तेज कर दिया है। शिवसेना नेताओं के भाजपा में शामिल होने से चुनावी मुकाबले ने नया मोड़ ले लिया है।
चंद्रवेश पांडेय, दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं। चुनावी मुकाबले को धार देने के बीच रविवार को शिवसेना के जिला नेतृत्व और प्रभावशाली स्थानीय चेहरों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से चुनावी समीकरणों को नई चर्चा मिल गई। वहीं कांग्रेस भी अपने प्रचार अभियान को तेज करते हुए गांव-गांव जनसंपर्क और सभाओं के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने में जुटी है। प्रदेश स्तर के नेताओं की सक्रियता ने उपचुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना दिया है।
भाजपा: शिवसेना नेताओं की एंट्री को बनाया राजनीतिक संदेश
रविवार को दतिया के होटल प्राक्षी स्थित मीडिया सेंटर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल और वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी में महाराज गोविंद राहुल देव सिंह, शिवसेना जिला अध्यक्ष रवि दीक्षित, समाजसेवी विष्णु दीक्षित सहित चार दर्जन से अधिक समर्थकों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा नेतृत्व ने इसे संगठन के बढ़ते जनाधार और विपक्ष से बढ़ते मोहभंग का संकेत बताया।

प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि कांग्रेस में बढ़ती गुटबाजी और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के कारण उसका जनाधार कमजोर हो रहा है। उनका दावा था कि कांग्रेस के अधिकांश कार्यकर्ताओं का प्रदेश नेतृत्व और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से विश्वास उठ चुका है, जिसके चलते विभिन्न दलों और सामाजिक संगठनों के लोग भाजपा की विचारधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने भाजपा को सबसे बड़ा लोकतांत्रिक संगठन बताते हुए नए सदस्यों का स्वागत किया।

भाजपा में शामिल होने के बाद महाराज गोविंद राहुल देव सिंह ने कांग्रेस पर वंशवाद और गुटबाजी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दतिया में वर्षों तक कांग्रेस ने सत्ता तो संभाली, लेकिन विकास के ठोस कार्य भाजपा सरकार के दौरान हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दतिया की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई पहचान दिलाने का भरोसा भी जताया।

उधर भाजपा ने चुनाव प्रचार भी तेज कर दिया है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बड़ौनी और बडौनकलां में भाजपा चुनाव कार्यालयों का उद्घाटन कर कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरने का आह्वान किया। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में कई मंत्री, सांसद और वरिष्ठ नेता लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं।
कांग्रेस: जनसंपर्क और सभाओं के सहारे मुकाबले में बनी रहने की कोशिश
दूसरी ओर कांग्रेस भी चुनाव प्रचार में पूरी ताकत लगा रही है। पार्टी प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने रविवार को विजयपुर, सीतापुर, उपरांय और वानोली सहित कई गांवों में घर-घर जनसंपर्क कर मतदाताओं से समर्थन मांगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी क्षेत्र में सभाएं कर भाजपा सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने का प्रयास किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया उपचुनाव में दोनों प्रमुख दलों ने अपनी पूरी संगठनात्मक शक्ति झोंक दी है। भाजपा जहां विपक्षी दलों और अन्य संगठनों के नेताओं को अपने साथ जोड़कर राजनीतिक बढ़त बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस स्थानीय जनसंपर्क और चुनावी सभाओं के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है। आने वाले दिनों में प्रचार अभियान और तेज होने के साथ यह मुकाबला और अधिक रोचक होने की संभावना है।