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करोड़ों स्वाहा फिर भी नहीं मिली मेजबानी, 15 सालों के प्रयासों पर पानी

करोड़ों स्वाहा फिर भी नहीं मिली मेजबानी, 15 सालों के प्रयासों पर पानी

करोड़ों स्वाहा फिर भी नहीं मिली मेजबानी 15 सालों के प्रयासों पर पानी

रायपुर। भारतीय ओलंपिक संघ ने छत्तीसगढ़ से 2027 में होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी छीन ली है। इस खबर से राज्य के खेल प्रेमियों में निराशा है। छत्तीसगढ़ पिछले 15 सालों से लगातार इस आयोजन की मेजबानी के लिए प्रयासरत था। यहां तक कि राज्य सरकार ने इसके लिए अनुपूरक बजट में 1 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया था। राज्य के खेल विभाग ने नेशनल गेम्स की तैयारियों के लिए खेल अधोसंरचना के विस्तार का दावा किया था, लेकिन भारतीय ओलंपिक संघ के सर्वे के बाद मेघालय को मेजबानी सौंपने का फैसला लिया गया। इससे खेल विभाग के दावों की पोल खुल गई है।

2.5 करोड़ रुपये की रॉयल्टी मनी पर फंसा पेंच

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ ने 2010 में भारतीय ओलंपिक संघ को 2.5 करोड़ रुपये की रॉयल्टी मनी जमा करवाई थी, ताकि राज्य को नेशनल गेम्स की मेजबानी मिल सके। इसके बावजूद, पिछले 15 सालों में गोवा, गुजरात और उत्तराखंड को आयोजन का मौका मिला, लेकिन छत्तीसगढ़ सिर्फ प्रयास ही करता रह गया। अब सवाल उठ रहा है कि इस फंड का क्या भविष्य होगा? इस पर अधिकारी कोई जवाब देने से बच रहे हैं।

खेल गांव का क्या होगा?

मेजबानी मिलने की उम्मीद में राज्य सरकार ने नया रायपुर में 80 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर के 13 खेल सुविधाओं वाला एक खेल गांव विकसित करने की योजना बनाई थी। लेकिन अब, मेजबानी हाथ से निकलने के बाद इस परियोजना की गति धीमी पड़ सकती है।

पहली बार नहीं टूटा है सपना

यह पहली बार नहीं है जब छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी से हाथ धोना पड़ा है। 2010 में राज्य को 37वें नेशनल गेम्स की मेजबानी मिली थी, लेकिन भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा किए गए निरीक्षण में छत्तीसगढ़ को केवल 30 प्रतिशत तैयार बताया गया था। इसके चलते मेजबानी छीनकर गुजरात को दे दी गई। अब 2027 के आयोजन का भी मौका छिन जाने से राज्य को फिर एक बड़ा झटका लगा है।

यह खबर हमारे लिए भी बेहद चौंकाने वाली है। हम नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिए लगातार तैयारियों में जुटे थे। राज्य सरकार ने इसके लिए अनुपूरक बजट में प्रावधान भी किया था। राज्य में खेल अधोसंरचना के स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे थे। हम विभिन्न खेलों के लिए स्टेडियम निर्माण और खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण के लिए काम कर रहे हैं।

- तनूजा सलाम, संचालक, खेल एवं युवा कल्याण

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