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Ayodhya Love Jihad: रामनगरी में ‘लव जिहाद’ का साया! डीजीपी तक फरियाद, फिर भी सिस्टम खामोश?

रामनगरी में आस्था के दीप जल रहे हैं, लेकिन थाना तारुन क्षेत्र में एक परिवार का दावा है कि उसके घर में दो साल से खौफ का अंधेरा पसरा है।


ayodhya love jihad रामनगरी में ‘लव जिहाद’ का साया डीजीपी तक फरियाद फिर भी सिस्टम खामोश

Ayodhya Love Jihad: रामनगरी में ‘लव जिहाद’ का साया! डीजीपी तक फरियाद, फिर भी सिस्टम खामोश? |

समीर शाही, अयोध्या: रामनगरी में आस्था के दीप जल रहे हैं, लेकिन थाना तारुन क्षेत्र में एक परिवार का दावा है कि उसके घर में दो साल से खौफ का अंधेरा पसरा है। धर्म परिवर्तन के आरोपों से जुड़े मुकदमे के बाद पीड़ित परिवार लगातार सुरक्षा की गुहार लगा रहा है। थाना तारुन की चौखट से लेकर पुलिस महानिदेशक और प्रदेश सरकार के मंत्रियों तक शिकायतें पहुंचीं, मगर परिवार का आरोप है कि धमकियों का सिलसिला नहीं रुका।

पीड़िता पर बना रहे दबाव

पीड़ित परिवार की पहचान सुरक्षा कारणों से उजागर नहीं की जा रही है। पीड़िता की मां का आरोप है कि मामले में नामजद नफीस और उसके सहयोगी मुकदमा वापस लेने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि मुकदमा वापस न लेने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई।

दहशत फैलाने का आरोप

सबसे सनसनीखेज आरोप हथियारों को लेकर है। प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही को दिए शिकायती पत्र में परिवार ने नफीस और उसके सहयोगियों पर अवैध हथियारों का प्रदर्शन करने तथा रात में घर के आसपास फायरिंग कर दहशत फैलाने का आरोप लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

हिन्दू संगठन की चेतावनी

मामला यहां और पेचीदा हो जाता है। परिवार का दावा है कि लखनऊ के नारी निकेतन में रह रही उनकी बेटी तक भी आरोपी पक्ष की पहुंच बनी हुई है। बेटी से मुलाकात और उसे कपड़े व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को उठाने वाले महंत संत दास ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं हुई तो हिन्दू संगठन आंदोलन करेंगे। अब असली सवाल—थाना तारुन में दी गई शिकायतों से लेकर डीजीपी और मंत्रियों तक पहुंची फरियाद आखिर किस फाइल में दब गई?

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