रायपुर सीएम हाउस में देर रात हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे आपात बैठक नहीं बताया। उन्होंने मंत्रिमंडल फेरबदल और यूसीसी पर भी अपनी बात रखी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सीएम हाउस में हुई देर रात बैठक को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यह कोई आपात बैठक नहीं थी, बल्कि सरकार के कार्यक्रमों और संगठन से जुड़े कामों की समीक्षा के लिए बैठक रखी गई थी। दरअसल, गुरुवार रात रायपुर स्थित सीएम हाउस में मंत्रियों और संगठन के नेताओं की मौजूदगी के बाद राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार या बदलाव की चर्चा तेज हो गई थी। बैठक देर रात तक चलने से इन अटकलों को और हवा मिली थी।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि बैठक का उद्देश्य केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा करना था। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों और मंत्रियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं और इसी को लेकर चर्चा हुई।
मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों पर बोले सीएम
लंबे समय तक चली बैठक के बाद सबसे ज्यादा चर्चा मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर थी। हालांकि मुख्यमंत्री साय ने इस पर सीधे कोई संकेत नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बैठक को किसी इमरजेंसी फैसले से जोड़कर देखना सही नहीं है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक देर रात तक चली बैठक के कारण संगठन और सरकार के बीच तालमेल को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
राहुल गांधी के दौरे पर सीएम का हमला
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जहां जाते हैं वहां कांग्रेस के प्रदर्शन पर असर दिखाई देता है। सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने अंदरूनी मतभेदों से जूझ रही है और जनता के बीच उसका भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर चल रही खींचतान के कारण कांग्रेस लगातार चुनौती का सामना कर रही है।
धान खरीदी मॉडल समझने पहुंचा महाराष्ट्र दल
सीएम साय ने बताया कि महाराष्ट्र से विधायकों का एक समूह छत्तीसगढ़ आया है। इस दल ने सीएम हाउस में मुलाकात की और प्रदेश में धान खरीदी की व्यवस्था को समझने की जानकारी ली। छत्तीसगढ़ की कृषि और खरीदी व्यवस्था को लेकर दूसरे राज्यों की रुचि बढ़ने की बात भी उन्होंने कही।
यूसीसी पर सरकार ने दिया अपडेट
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए कमेटी का गठन किया गया है, लेकिन मानसून सत्र में इसे जल्द लाना संभव नहीं होगा। सरकार प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे कदम उठाएगी।
बैठक को लेकर क्यों बढ़ी थी चर्चा
बता दें कि गुरुवार रात सीएम हाउस में मंत्रियों और संगठन के नेताओं को बुलाया गया था। बैठक रात करीब दो बजे तक चली, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में मंत्रिमंडल विस्तार और बदलाव को लेकर कयास लगने लगे थे। अब मुख्यमंत्री के बयान के बाद फिलहाल इन अटकलों पर स्थिति कुछ स्पष्ट हुई है।