बसीएम मोहन यादव का पश्चिम बंगाल दौरा लोगों के साथ आत्मीय मुलाकात के लिए चर्चा में रहा। बुजुर्ग महिला के आशीर्वाद, यवाओं के साथ सेल्फी और जनसमर्थन को पार्टी के पक्ष में माहौल के रूप में देखा जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मैजिक साफ दिखाई दिया, सीएम के जनसंपर्क अभियान राजनीतिक रूप से चर्चा में बना हुआ है। उनके दौरे के दौरान लोगों के साथ हुई मुलाकातों को लेकर अलग ही माहौल देखने को मिला। जनसंपर्क के दौरान सीएम लगियों में घूमे, घरों में दस्तक दी, युवाओं के साथ संवाद किया, सेल्फी ली और व्यापारियों से भी बात की।
जनता के बीच आत्मीयता और संवाद की झलक
कमरहाटी क्षेत्र में जनसंपर्क के दौरान डॉ. मोहन यादव जब लोगों से मिले, तो उनकी सहजता और आत्मीय संवाद ने स्थानीय जनता को प्रभावित किया। कार्यक्रम के दौरान बुजुर्ग महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया, रास्ते में, दुकानों पर सीएम जिनसे भी मिले वहां मौजूद लोगों का संवाद देखकर कुछ महीनों पहले हुए बिहार चुनाव की याद दिला दी । इसी बीच एक छात्रा ने सीएम के साथ सेल्फी लेने की पूछा तो मुख्यमंत्री सभी कार्यकर्ताओं को रोककर सहज ही खड़े हो गए।

राजनीतिक हलकों में माहौल की चर्चा
जॉ मोहन यादव जहां से गुजरे लोग उनको देखने के लिए रुक गए, यहां तक कि स्कूटी से पि्ता के साथ जा रही बेटी ने भी रुककर सीएंम से हाथ मिलाया। उस समय उनके चेहरे जो खुशी के भाव थे वो देखते ही बनते थे, शायद उन्होंने किसी राज्य के सीएम को इतना सहज और प्रशन्न नहीं देखा होगा। स्थानीय स्तर पर हुई इन मुलाकातों को लेकर राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि इस तरह की जनता से सीधी जुड़ाव वाली तस्वीरें चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती हैं। इसे कई लोग जनसमर्थन के संकेत के रूप में भी देख रहे हैं।

बिहार चुनाव में 21 सीटों पर जन समर्थन
इससे पहले भी डॉ. मोहन यादव बिहार चुनाव प्रचार में सक्रिय रहे थे। वे बिहार चुनाव में करिश्माई स्टार प्रचारक बनकर उभरे थे उस दौरान जिन क्षेत्रों में उन्होंने प्रचार किया, वहां पार्टी को मजबूत जनसमर्थन मिला। पार्टी 27 में से 21 सीटें जीती थी।

जनसंपर्क की रणनीति पर फोकस
चुनावी माहौल में नेताओं के जनसंपर्क अभियानों को केवल प्रचार नहीं बल्कि जनता से जुड़ाव की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में उनका यह दौरा भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जहां सीधे संवाद और जमीनी संपर्क लोगों को पार्टी से जोड़ रहा है।
