Breaking News
  • देशभर में आज हर्षोल्लास के साथ रंगों का पर्व होली मनाई जा रही है
  • इजराइली हमलों में अबतक लेबनान के 50 लोगों की मौत, 335 घायल
  • दो दिवसीय गुजरात दौरे पर आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत
  • मिडिल ईस्ट पर US-इजरायल का हमला अंतर्राष्ट्रीय कानून के खिलाफ-कनाडा पीएम
  • होर्मुज बंद, फिर भी भारत को नहीं होगी तेल की कमीः सूत्रों का दावा 60% सप्लाई दूसरे रास्तों से हो रही
  • ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद किया: गुजरने वाले जहाजों पर हमला करने की चेतावनी

होम > प्रदेश > मध्य प्रदेश > भोपाल

Holi Celebrations Across MP: Shivraj Sings Fag at

CM हाउस में होली, मोहन यादव ने उड़ाया गुलाल, शिवराज ने गाया फाग

भोपाल में सीएम हाउस की होली, शिवराज सिंह चौहान ने गाया फाग, जबलपुर इस्कॉन में ब्रज जैसी होली और ग्वालियर में मूर्ख सम्मेलन


cm हाउस में होली मोहन यादव ने उड़ाया गुलाल  शिवराज ने गाया फाग

मध्यप्रदेश में होली का रंग इस बार सियासत और संस्कृति, दोनों में घुला नजर आया. भोपाल के सीएम हाउस से लेकर जबलपुर और ग्वालियर तक, हर शहर में होली का अंदाज अलग दिखा. कहीं फूलों की बारिश हुई, कहीं ब्रज जैसी होली खेली गई, तो कहीं हंसी-ठिठोली के साथ ‘मूर्ख सम्मेलन’ ने लोगों को गुदगुदाया।

सीएम हाउस में पारंपरिक अंदाज में होली

height=472

राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री आवास पर होली का आयोजन पूरी तरह पारंपरिक रंग में डूबा रहा. सीएम डॉ. मोहन यादव ने नेता और कार्यकर्ताओं के साथ के साथ जमकर रंग गुलाल उड़ाया और विधायक रामेश्वर शर्म के साथ माइक थाम कर होली के गीत गाकर होली के त्यौहार को और रंगीन कर दिया.तो वही 

height=471

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फूलों, रंग और गुलाल से कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ होली खेली. इस दौरान माहौल तब और खुशनुमा हो गया, जब शिवराज ने खुद फाग लोकगीत गाने शुरू किए। उनकी पत्नी भी इस मौके पर साथ नजर आईं। ढोल-नगाड़ों और फागुन के गीतों के बीच पूरा सीएम हाउस होली के रंग में रंगा दिखा।

नेताओं और कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

होली मिलन समारोह में भाजपा के कई नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। कोई रंग लगाता दिखा तो कोई गुलाल उड़ाता नजर आया। शिवराज ने भी मंच और माइक की औपचारिकता छोड़कर सीधे लोगों के बीच पहुंचकर होली का आनंद लिया. इस पूरे आयोजन का संदेश साफ था, रंगों के बहाने प्रेम, स्नेह और आपसी सौहार्द को और मजबूत करना।