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राजधानी में छोटी-छोटी बातों पर घर से भाग रहे बच्चे

राजधानी में छोटी-छोटी बातों पर घर से भाग रहे बच्चे

राजधानी में छोटी-छोटी बातों पर घर से भाग रहे बच्चे

तीन माह में भोपाल से भागे 145 बच्चे, मात्र 118 बच्चे लौटे

भोपाल:छोटी-छोटी बातों पर बच्चे घर छोड़कर भागने के मामले देशभर में लगातार बढ़ रहे हैं। अकेले मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले तीन माह में लगभग 145 बच्चे लापता हुए हैं। हालांकि, पुलिस की सतर्कता से इनमें से 118 बच्चे वापस मिल गए हैं। पुलिस के अनुसार, ये बच्चे किसी अपराध या अपहरण का शिकार नहीं हुए, बल्कि घरवालों से मामूली नाराजगी के कारण खुद ही घर छोड़कर निकल गए। कई बच्चों को रेलवे और बस स्टेशनों से बरामद किया गया।

तनावपूर्ण स्थिति में बच्चे लेते हैं निर्णय

मनोवैज्ञानिक रूमा भट्टाचार्य के अनुसार, बच्चे घर छोड़ने का निर्णय तब लेते हैं जब वे किसी तनावपूर्ण स्थिति में होते हैं। इसलिए बच्चों से डर या धमकी के बजाय प्यार से बात करनी चाहिए। यदि वे गलत रास्ते पर जा रहे हों, तो उन्हें समझाना जरूरी है।

बच्चों को रोकना या टोकना गलत है

पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चों की नाराजगी की वजह बहुत छोटी-छोटी थी, जैसे मोबाइल फोन छीन लेना, स्कूल जाने के लिए कहना, पढ़ाई को लेकर टोका जाना या खेलने से मना करना। कई बच्चे दोस्तों के साथ घूमने निकले और घर लौटने में देरी पर डांट खाने के बाद घर से भाग गए। दो बच्चे तो केवल घर से दो किलोमीटर दूर पार्क में पूरी रात बैठे रहे, जबकि परिजन उन्हें रातभर खोजते रहे। तीन किशोरियां सोशल मीडिया पर रील बनाने की दीवानगी में बार-बार घर पर डांट खा रही थीं। इसी कारण उन्होंने शहर छोड़ने का फैसला किया।

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