रायपुर में 56 हजार स्ट्रीट लाइटों में 1500 से ज्यादा बंद। कई सड़कें रात में अंधेरे में डूबीं, हादसों और अपराध का खतरा बढ़ा, आउटर जोनों में हालात ज्यादा खराब
नगर निगम क्षेत्र में लगी 56,655 स्ट्रीट लाइटों में से डेढ़ हजार से अधिक बंद पड़ी हैं। मरम्मत में देरी के कारण कई मुख्य सड़कें रात होते ही अंधेरे में डूब जाती हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। संतोषी नगर से भाठागांव रोड, देवपुरी होते हुए कमल विहार तक दर्जनों लाइटें खराब बताई जा रही हैं। अटारी और जरवाय क्षेत्रों में भी यही स्थिति है। रहवासियों का कहना है कि अंधेरे की वजह से राहगीरों, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। कई स्थानों पर चोरी और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आई हैं।
136 इलेक्ट्रीशियन तैनात होने का दावा
निगम मुख्यालय और जोनों में मिलाकर करीब 136 इलेक्ट्रीशियन तैनात होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि 10 जोनों में से सिर्फ 4 में ही इलेक्ट्रीशियन नियुक्त हैं। शेष 6 जोनों में संख्या शून्य है। यही कारण है कि आउटर इलाकों में स्ट्रीट लाइटें लंबे समय तक बंद रहती हैं, जबकि जिन जोनों में स्टाफ है, वहां अधिकतर वार्ड शहर के अंदर आते हैं।
करीब 50 वार्डों से पार्षद लगातार शिकायतें उठा रहे हैं। नई लाइटें और खंभों के विस्तार की मांग भी लंबित है। निगम का कहना है कि तकनीकी कारणों से कुछ लाइटें खराब रहती हैं और मेंटेनेंस कार्य निरंतर जारी है। हालांकि नागरिकों का आरोप है कि शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई नहीं होती।
कुल 6 जोनों में इलेक्ट्रीशियन ही नहीं
आउटर जोनों में पद खाली
शहर में लगभग 60 हजार स्ट्रीट लाइटें हैं, जिनमें दो-तीन प्रतिशत बंद हैं। उन्हें सुधारने का काम जारी है। टोल फ्री नंबर और जोन कार्यालय में इसकी जानकारी दी जा सकती है।
- विनोद पाण्डेय, अपर आयुक्त, ननि, रायपुर
कहां कितने इलेक्ट्रीशियन
जोन 1 - 0 इलेक्ट्रीशियन
जोन 2 - 0 इलेक्ट्रीशियन
जोन 3 - 7 इलेक्ट्रीशियन
जोन 4 - 0 इलेक्ट्रीशियन
जोन 5 - 11 इलेक्ट्रीशियन
जोन 6 - 0 इलेक्ट्रीशियन
जोन 7 - 9 इलेक्ट्रीशियन
जोन 8 - 0 इलेक्ट्रीशियन
जोन 9 - 0 इलेक्ट्रीशियन
जोन 10- 8 इलेक्ट्रीशियन
निगम मुख्यालय में – 101 इलेक्ट्रीशियन