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Rare mineral discovery in Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में मिला दुर्लभ खनिजों का बड़ा भंडार, ऊर्जा सेक्टर में बनेगा गेम चेंजर

छत्तीसगढ़ के महासमुंद में निकल, कॉपर और पैलेडियम का बड़ा भंडार मिला है। यह खोज भारत के ऊर्जा और ईवी सेक्टर के लिए अहम मानी जा रही है।


छत्तीसगढ़ में मिला दुर्लभ खनिजों का बड़ा भंडार ऊर्जा सेक्टर में बनेगा गेम चेंजर

Rare Minerals Mines In Chhattisgarh |

रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में दुर्लभ खनिजों की बड़ी खोज सामने आई है। यहां जमीन के नीचे निकल, कॉपर और पैलेडियम जैसे अहम खनिजों का भंडार मिला है, जिसे देश के ऊर्जा और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर के लिए बड़ा मौका माना जा रहा है। महासमुंद के भालूकोना इलाके में मिला यह भंडार शुरुआती जांच में काफी बड़ा बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह खोज आने वाले समय में औद्योगिक विकास की दिशा बदल सकती है।

कितना बड़ा है खनिज भंडार

अब तक की जांच में करीब 1.3 किलोमीटर लंबाई तक खनिज मौजूद होने के संकेत मिले हैं। कंपनी ने करीब 430 मीटर क्षेत्र और 200 मीटर से ज्यादा गहराई तक खनिजों की पुष्टि की है। ड्रिलिंग के दौरान जमीन में पेंटलैंडाइट, चाल्कोपायराइट और पायरोटाइट जैसे सल्फाइड भी मिले हैं। ये सभी संकेत देते हैं कि नीचे बड़े स्तर पर धातु मौजूद हो सकती है।

ड्रिलिंग रिपोर्ट में क्या सामने आया

अब तक 9 ड्रिल होल किए जा चुके हैं और करीब 1500 मीटर तक ड्रिलिंग पूरी हुई है। रिपोर्ट में अलग-अलग गहराई पर खनिज की मात्रा दर्ज की गई है। कुछ हिस्सों में इसकी मात्रा 1 प्रतिशत से ज्यादा भी पाई गई, जो इसे और अहम बनाती है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि आगे की खुदाई में इससे भी बड़े भंडार सामने आ सकते हैं।

मानसून के बाद तेज होगी प्रक्रिया

फिलहाल बारिश के चलते सर्वे और मिट्टी परीक्षण का काम जारी है। जैसे ही मानसून खत्म होगा, ड्रिलिंग दोबारा तेज कर दी जाएगी। कंपनी जल्द ही माइनिंग लीज के लिए आवेदन करने की तैयारी में है।

क्यों अहम है ये खोज

निकल, कॉपर और पैलेडियम आधुनिक तकनीक के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। निकल का इस्तेमाल खास तौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में होता है। कॉपर बिजली, ट्रांसफार्मर और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी है। वहीं, पैलेडियम ऑटोमोबाइल और नई ऊर्जा तकनीकों में काम आता है। ऐसे में यह खोज भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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