बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई। गेहूं-सरसों की फसल को नुकसान की आशंका, मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया।
रायपुरः छत्तीसगढ़ में सोमवार की दोपहर मौसम ने अचानक करवट बदल लिया। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई है। अचानक हुई ओलावृष्टि और बारिश किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया का असर प्रदेश में दिखाई दे रहा है। राजधानी रायपुर और बिलासपुर में सुबह से बादल छाए थे, इसके बाद बारिश का दौर शुरू हो गया।
लो प्रेशर सिस्टम का असर
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम की वजह से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। अगले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। सरगुजा संभाग के बलरामपुर और रायगढ़ जिलों में भी दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ वर्षा दर्ज की गई।
ओलावृष्टि से फसलों पर संकट
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में ओलावृष्टि का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। बड़े-बड़े ओले गिरने से खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कई गांवों में खेत और खलिहान ओलों की सफेद परत से ढक गए। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के समय हुई इस बेमौसम बारिश से भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
अगले दो दिन भी बने रहेंगे ऐसे हालात
मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवा और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की स्थिति बनी रह सकती है। कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान जैसी परिस्थिति भी बन सकती है। प्रशासन को सतर्क रहने और किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।