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125 Chhattisgarh Naxals Surrender in Telangana

तेलंगाना में सबसे बड़ा नक्सली सरेंडर, 125 छत्तीसगढ़ी नक्सलियों ने छोड़ा 'लाल आतंक', हथियार सौंपे

तेलंगाना में 125 छत्तीसगढ़ी नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया। करोड़ों के हथियार सौंपे, सरकार पुनर्वास नीति के तहत 4.18 करोड़ देगी।


तेलंगाना में सबसे बड़ा नक्सली सरेंडर 125 छत्तीसगढ़ी नक्सलियों ने छोड़ा लाल आतंक हथियार सौंपे

Chhattisgarh News |

रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों से बड़ी खबर सामने आई है। तेलंगाना में एक साथ 125 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। ये सभी हथियारों के साथ मुख्यधारा में लौटे हैं। इस सामूहिक सरेंडर को सुरक्षा एजेंसियां नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका मान रही हैं।

ICCC सेंटर में हुआ सामूहिक आत्मसमर्पण

दरअसल, तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित ICCC सेंटर में 7 मार्च को यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी मौजूद रहे। कुल 130 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 125 नक्सली छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं। कार्यक्रम में तेलंगाना सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस विभाग के बड़े अधिकारी भी शामिल हुए।

करोड़ों के हथियार पुलिस को सौंपे

सरेंडर करने वाले नक्सली अपने साथ बड़ी मात्रा में हथियार लेकर पहुंचे थे। इनमें इंसास राइफल, बीजीएल और अन्य आधुनिक हथियार शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक इन हथियारों की अनुमानित कीमत करोड़ों रुपये में है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर हथियारों का समर्पण होना संगठन के कमजोर पड़ने का संकेत है।

पुनर्वास नीति के तहत मिलेंगे 4.18 करोड़ रुपए

मुख्यधारा में लौटने वाले इन नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ मिलेगा। तेलंगाना सरकार की ओर से इन्हें कुल 4 करोड़ 18 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। सरकार का कहना है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में लौटने वालों के लिए नई शुरुआत के रास्ते खुले हैं। उन्हें रोजगार, प्रशिक्षण और आर्थिक मदद भी दी जाएगी।

देवजी की टीम के सदस्य भी शामिल

सरेंडर करने वाले माओवादी कैडरों में संगठन के कई अहम सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं। हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी संगठन के प्रमुख देवजी की PLGA कमांडर टीम के सदस्य भी इस समूह में शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह संगठन के लिए बड़ा झटका है।

बस्तर में लगातार बढ़ रहा दबाव

बस्तर रेंज के IG सुंदरराज पी के अनुसार पिछले छह महीनों में 1300 से ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, ऑपरेशन और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण कई नक्सली अब हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने लगे हैं।

अमित शाह की डेडलाइन को 24 दिन बाकी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगस्त 2024 में रायपुर और दिसंबर 2024 में जगदलपुर दौरे पर आए थे। उस दौरान उन्होंने नक्सलियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि हिंसा का रास्ता छोड़ दें। उन्होंने यह भी कहा था कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य है। शाह की इस डेडलाइन को अब करीब 24 दिन ही बाकी हैं। इसके बाद से बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान और तेज हो गए हैं, कई बड़े कैडर के नक्सली मारे भी गए हैं।

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