गढ़ रोड स्थित देवनंदनी अस्पताल में रविवार देर रात एसी में हुए ब्लास्ट के बाद लगी भीषण आग ने कुछ देर के लिए पूरे अस्पताल को दहशत में डाल दिया।
Devnandini Hospital Fire : एसी ब्लास्ट से देवनंदनी अस्पताल में मचा कोहराम, 32 मरीजों को निकाला सुरक्षित |
प्रमोद शर्मा, हापुड़: गढ़ रोड स्थित देवनंदनी अस्पताल में रविवार देर रात एसी में हुए ब्लास्ट के बाद लगी भीषण आग ने कुछ देर के लिए पूरे अस्पताल को दहशत में डाल दिया। पहली मंजिल पर बने सेमी प्राइवेट रूम नंबर-12 से उठी आग ने देखते ही देखते पूरे फ्लोर को काले धुएं से भर दिया। वार्डों में भर्ती मरीजों, उनके तीमारदारों और अस्पताल स्टाफ के बीच चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
हालांकि दमकल विभाग, पुलिस और अस्पताल कर्मियों की तत्परता से 32 मरीजों, जिनमें एनआईसीयू में भर्ती तीन नवजात शिशु भी शामिल थे, को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इसके अलावा अस्पताल के आवासीय तल पर मौजूद करीब 20 लोगों का भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

मौके पर पहुंचा दमकल और प्रशासन
घटना की सूचना देर रात मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां, पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर, सीओ और आसपास के थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए पिलखुवा से भी अतिरिक्त फायर टेंडर बुलाए गए। सबसे पहले अस्पताल के प्रथम तल पर भर्ती मरीजों को बाहर निकालकर दूसरे ब्लॉक के इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया। घने धुएं के कारण दमकल कर्मियों ने बीए (ब्रीदिंग अपरेटस) सेट पहनकर भवन के भीतर प्रवेश किया और आग बुझाने का अभियान शुरू किया।

एसी में हुआ था ब्लास्ट
बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत कमरे में लगे एयर कंडीशनर में ब्लास्ट होने के बाद हुई। कुछ ही पलों में धुआं पूरे अस्पताल में फैल गया, जिससे मरीजों के साथ उनके परिजनों में भी दहशत फैल गई। दमकल टीम ने स्मोक एग्जॉस्टर की मदद से भवन से धुआं बाहर निकाला और कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। राहत की बात यह रही कि आग अस्पताल के अन्य वार्डों तक नहीं फैल सकी और कोई जनहानि नहीं हुई।

टला बड़ा हादसा
पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में एसी ब्लास्ट के कारण आग लगने की बात सामने आई है। सभी मरीज सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। वहीं मुख्य अग्निशमन अधिकारी अजय कुमार शर्मा ने बताया कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की भी पड़ताल की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। समय रहते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।
