चंदेरी में डेढ़ घंटे की झमाझम बारिश से मौसम सुहाना हो गया। मां जागेश्वरी धाम की पहाड़ियों पर झरने बह निकले और ऐतिहासिक सागर ताल में करीब 5 फीट पानी भर गया।
संजय श्रोत्रिय, चंदेरी। लंबे समय से बेरूखी दिखा रहा मौसम ने अचानक करवट बदली है। इसके साथ ही प्रदेश के कई जिलों को बादलों ने भिगो दिया। वहीं, भीषण गर्मी और उमस से परेशान चंदेरी वासियों को मंगलवार को हुई झमाझम बारिश ने बड़ी राहत दी है। मानसून के इस सीजन की यह पहली जोरदार बारिश दर्ज की गई है। इससे मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो गया है। इतना ही नहीं लंबे समय बाद हुई इस अच्छी बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई
डेढ़ घंटे की बारिश से मौसम हुआ सुहाना
दरअसल, मंगलवार को आसमान में अचानक काले बादल छाए और करीब डेढ़ घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। इस झमाझम बारिश से तापमान में भारी गिरावट आई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से निजात मिली है। चंदेरी के मुख्य बाजारों से लेकर गलियों तक में पानी बह निकला।
जागेश्वरी धाम की पहाड़ियों पर लौटे प्राकृतिक झरने
इस अच्छी बारिश का सबसे खूबसूरत नजारा प्रसिद्ध मां जागेश्वरी धाम के पास देखने को मिला। धाम के आस-पास की ऊंची पहाड़ियों से दूधिया झरने बहने लगे हैं। इन खूबसूरत झरनों को देखने और सुहाने मौसम का लुत्फ उठाने के लिए स्थानीय लोग भी पहुंचने लगे हैं। पहाड़ियों का यह नजारा बेहद मनमोहक लग रहा था।
ऐतिहासिक सागर ताल में आया 5 फीट पानी
पहाड़ियों के चारों तरफ से बहकर आया बारिश का पानी सीधे मां जागेश्वरी मंदिर के नीचे बने ऐतिहासिक सागर ताल में एकत्रित हो गया। जलभराव के चलते सागर ताल का जलस्तर अचानक बढ़ गया और इसमें करीब पांच फीट तक नया पानी आ चुका है। जलस्रोत के इस तरह भरने से क्षेत्र के भूजल स्तर में भी सुधार होगा, जिससे स्थानीय लोगों में भारी उत्साह है।