Breaking News
  • भारत की लगातार दूसरी जीत, इटली पहली बार जीता, श्रीलंका 105 रन से नेपाल को हराया
  • दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्टों की रैंकिंग में भारत का पासपोर्ट 75वें स्थान पर पहुंचा
  • बांग्लादेश चुनाव में हिंसा- एक की मौत, दो वोटिंग सेंटर के बाहर बम धमाके
  • चांदी आज 5,835 गिरकर 2.61 लाख किलो हुई, सोना 1,175 गिरकर1.56 लाख पर आया
  • हरिद्वार-ऋषिकेश के मंदिरों में फटी जींस-स्कर्ट में नहीं मिलेगी एंट्री
  • बांग्लादेश में चुनाव की पूर्व संध्या पर एक और हिंदू की हत्या
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देंगी
  • बांग्लादेश में वोटिंग जारी, सुबह-सुबह मतदान केंद्रों पर वोटर्स की लंबी कतार
  • नई श्रम संहिता के खिलाफ देशभर में हड़ताल पर ट्रेड यूनियन, आज भारत बंद

होम > प्रदेश > छत्तीसगढ़

मुर्गी और अंडे की बिक्री पर रोक, बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी

मुर्गी और अंडे की बिक्री पर रोक, बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी

मुर्गी और अंडे की बिक्री पर रोक बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी

Chhattisgarh Raigarh Chicken Will Not Come From Koriya Area : रायगढ़ । छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बर्ड फ्लू को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। यह कदम पड़ोसी कोरिया जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद उठाया गया है। पशु चिकित्सा विभाग ने रायगढ़ के पोल्ट्री संचालकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिसमें कोरिया जिले से किसी भी तरह की पोल्ट्री सामग्री लाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह कदम बर्ड फ्लू के संभावित प्रसार को रोकने और पोल्ट्री व्यवसाय को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है।

बर्ड फ्लू को लेकर एडवाइजरी जारी

पशु चिकित्सा विभाग ने बर्ड फ्लू को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें बताया गया है कि यह पक्षियों का एक संक्रामक और घातक रोग है। यह बीमारी पोल्ट्री व्यवसाय को भारी नुकसान पहुंचा सकती है, क्योंकि यह तेजी से फैलती है और पक्षियों की मृत्यु दर को बढ़ा देती है। विभाग ने रायगढ़ के सभी पोल्ट्री संचालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोरिया जिले के सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है, इसलिए उस क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों से किसी भी प्रकार के पोल्ट्री पक्षी, अंडे, मांस या अन्य उत्पादों की खरीद-बिक्री न की जाए।

सैंपल की जांच 

रायगढ़ में इस साल फरवरी 2025 में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद से जिला प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग ने सतर्कता बरतना शुरू कर दिया था। तब से लेकर अब तक सैंपल जांच और निगरानी का सिलसिला लगातार जारी है। अब तक रायगढ़ के पोल्ट्री फार्म से तीन सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं।

सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। पशु चिकित्सा विभाग ने बताया कि आखिरी सैंपल 15 अप्रैल 2025 को भेजा जाएगा। अगर यह रिपोर्ट भी नेगेटिव आती है, तो सरकारी पोल्ट्री फार्म में सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू की जा सकेंगी।

पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डीडी झरिया ने बताया, "कोरिया जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद रायगढ़ में भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए एक एडवाइजरी जारी की गई है, ताकि बर्ड फ्लू जैसी कोई समस्या दोबारा न हो।"

उन्होंने आगे कहा कि विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। पोल्ट्री संचालकों को भी जागरूक किया गया है, ताकि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना विभाग को दें।

क्या है बर्ड फ्लू 

बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लूएंजा भी कहा जाता है, एक वायरल बीमारी है जो मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करती है। यह रोग H5N1 जैसे वायरस के कारण फैलता है और पोल्ट्री पक्षियों में तेजी से फैलने की क्षमता रखता है। यह बीमारी न केवल पक्षियों के लिए घातक है, बल्कि कुछ मामलों में यह इंसानों में भी फैल सकती है, जिसके चलते इसे गंभीरता से लिया जाता है।

छत्तीसगढ़ में पहले भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं और हर बार इसने पोल्ट्री व्यवसाय को भारी नुकसान पहुंचाया है। रायगढ़ में फरवरी में हुए प्रकोप के बाद अब कोरिया में इसकी पुष्टि ने प्रशासन को और सतर्क कर दिया है।

पोल्ट्री व्यवसाय पर प्रभाव

रायगढ़ और कोरिया जैसे जिलों में पोल्ट्री व्यवसाय स्थानीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बर्ड फ्लू का प्रकोप इस व्यवसाय को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है, क्योंकि इससे न केवल पक्षियों की मृत्यु होती है, बल्कि बाजार में पोल्ट्री उत्पादों की मांग भी कम हो जाती है।

कोरिया से पोल्ट्री सामग्री पर रोक लगाने का फैसला इसी दिशा में एक कदम है, ताकि रायगढ़ में इस बीमारी का प्रसार रोका जा सके। पोल्ट्री संचालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने फार्म में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और किसी भी असामान्य लक्षण वाले पक्षी की तुरंत जांच कराएं।

Related to this topic: