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बीजापुर CBI की रेड, डाक विभाग में रिश्वत लेते चार कर्मचारी रंगे हाथों गिरफ्तार

बीजापुर CBI की रेड, डाक विभाग में रिश्वत लेते चार कर्मचारी रंगे हाथों गिरफ्तार

बीजापुर जिले में CBI ने डाक विभाग में रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। चार कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।

बीजापुर cbi की रेड डाक विभाग में रिश्वत लेते चार कर्मचारी रंगे हाथों गिरफ्तार

बीजापुरः छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल के बस्तर संभाग अंतर्गत बीजापुर जिले में सीबीआई की रेड से हड़कंप मच गया। टीम ने यहां भ्रष्टाचार के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। सीबीआई ने डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों समेत चार कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से करीब 40 हजार रुपये की रिश्वत राशि भी बरामद की गई है।

ये कर्मचारी ले रहे थे रिश्वत

सीबीआई ने रेड करते हुए जिन लोगों पर कार्रवाई की है उनमें डाक विभाग के उपसंभागीय निरीक्षक शास्त्री कुमार पैंकरा, मालौथ शोभन पद डाक अधिदर्शक (मेल ओवरसीयर), अम्बेडकर सिंह जिनका पद डाक अधिदर्शक (मेल ओवरसीयर) और संतोष एंड्रिक इनका पद ग्रामीण डाक सेवक (ABPM) शामिल हैं। साथ ही मालौथ शोभन और अम्बेडकर सिंह का कार्यक्षेत्र मद्देड, भोपालपटनम, आवापल्ली एवं बीजापुर क्षेत्र बताया जा रहा है।

इन केस में लेते थे रिश्वत

मिली जानकारी के अनुसार, डाक विभाग में यह भ्रष्टाचार सालों से संगठित रूप से संचालित हो रहा था। ग्रामीण डाक सेवकों से नई नियुक्ति, स्थानांतरण (ट्रांसफर), ब्रांच ऑफिस (BO) निरीक्षण, दोहरा भत्ता, सेवा संबंधी प्रकरणों के निपटारे और अन्य प्रशासनिक कार्यों के बदले अवैध रूप से रिश्वत वसूली करते थे। वहीं, जो भी कर्मचारी रिश्वत देने में असमर्थ रहता था। ये आरोपी उनके कार्यों में जानबूझकर देरी करते या फिर मानसिक प्रताड़ित करते थे।

सीबीआई ने ऐसे बिछाया जाल

जांच एजेंसियों के पास इस भ्रष्टाचार को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद विभागीय गतिविधियों पर गोपनीय निगरानी रखी गई। पुख्ता सबूत मिलने पर सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

अन्य अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

सीबीआई अभी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। इसके बाद से आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह में अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। जांच के तहत दस्तावेजों, बैंक खातों और मोबाइल संचार की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

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