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MP में बस से यात्रा करना हुआ महंगा, टैक्स 50 फीसदी बढ़ाया

MP में बस से यात्रा करना हुआ महंगा, टैक्स 50 फीसदी बढ़ाया

mp में बस से यात्रा करना हुआ महंगा टैक्स 50 फीसदी बढ़ाया

शादी-विवाह और धार्मिक यात्राओं के लिए चुकाना होगा ज्यादा किराया

प्रदेश में बस से यात्रा करना अब महंगा हो गया है, क्योंकि सरकार ने बसों के परमिट टैक्स में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसका सीधा भार यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। शादी-विवाह और धार्मिक यात्राओं के लिए अब ज्यादा किराया चुकाना होगा।

अस्थायी परमिट शुल्क में बड़ा बदलाव

अस्थायी परमिट शुल्क 12 रुपये प्रति सीट से बढ़ाकर 18 रुपये कर दिया गया है। खास बात यह है कि अब बस कंडक्टर (परिचालक) की सीट पर भी टैक्स लिया जाएगा, जिसका भार भी यात्रियों पर पड़ेगा। इस संबंध में परिवहन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।

बसों के स्थायी एवं अस्थायी परमिट शुल्क बढ़ाने को लेकर परिवहन विभाग ने 10 अक्टूबर 2025 को सूचना जारी की थी, जिसमें 65 फीसदी टैक्स बढ़ाने की तैयारी थी। हालांकि, बस ऑपरेटरों के विरोध के चलते परिवहन विभाग ने परमिट शुल्क में 50 फीसदी की ही बढ़ोतरी की है। सूचना जारी होने के बाद प्रदेश भर के कई बस ऑपरेटरों ने परमिट शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध किया था।

ऐसे समझिए टैक्स का गणित

यात्री बसों से टैक्स प्रति सीट के हिसाब से वसूला जाता है। शादी-विवाह एवं अन्य यात्राओं के लिए बसों को दिन के हिसाब से परमिट जारी होते हैं। अभी तक 52 सीटर बस के लिए बारात परमिट 624 रुपये प्रतिदिन (12 रुपये प्रति सीट) के हिसाब से मिलता था। अब इसे बढ़ाकर 18 रुपये प्रति सीट प्रतिदिन कर दिया गया है। ऐसे में 52 सीटर बस के एक दिन के परमिट के लिए 924 रुपये चुकाने होंगे।

पहले कंडक्टर की सीट पर टैक्स नहीं लगता था, लेकिन अब यह भी लिया जाएगा। ऐसे में 53 सीट वाली बस का एक दिन का परमिट 942 रुपये में मिलेगा। नगरीय क्षेत्र में बस परमिट 150 रुपये प्रति सीट प्रति तिमाही होगा। 100 किलोमीटर तक के बस परमिट पर 200 रुपये प्रति सीट प्रति माह देना होगा। इसके बाद हर 10 किलोमीटर या उसके भाग के लिए 12 रुपये प्रति सीट प्रति माह अतिरिक्त चुकाने होंगे।

ये यात्राएं होंगी महंगी

यात्रा परमिट टैक्स बढ़ने से न सिर्फ सामान्य यात्राएं महंगी होंगी, बल्कि बारात, पिकनिक, धार्मिक यात्राएं, पिंडदान और अनुष्ठानों के लिए की जाने वाली यात्राओं पर भी असर पड़ेगा। परिवहन विभाग बारात एवं अन्य विशेष यात्राओं के लिए अलग से परमिट जारी करता है। टैक्स बढ़ने से आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।