Breaking News
  • भारत की लगातार दूसरी जीत, इटली पहली बार जीता, श्रीलंका 105 रन से नेपाल को हराया
  • दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्टों की रैंकिंग में भारत का पासपोर्ट 75वें स्थान पर पहुंचा
  • बांग्लादेश चुनाव में हिंसा- एक की मौत, दो वोटिंग सेंटर के बाहर बम धमाके
  • चांदी आज 5,835 गिरकर 2.61 लाख किलो हुई, सोना 1,175 गिरकर1.56 लाख पर आया
  • हरिद्वार-ऋषिकेश के मंदिरों में फटी जींस-स्कर्ट में नहीं मिलेगी एंट्री
  • बांग्लादेश में चुनाव की पूर्व संध्या पर एक और हिंदू की हत्या
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देंगी
  • बांग्लादेश में वोटिंग जारी, सुबह-सुबह मतदान केंद्रों पर वोटर्स की लंबी कतार
  • नई श्रम संहिता के खिलाफ देशभर में हड़ताल पर ट्रेड यूनियन, आज भारत बंद

होम > प्रदेश > उत्तर प्रदेश > लखनऊ

UP में गरजा बुलडोजर, देवरिया में 50 साल पुरानी अवैध मजार गिराई, 300 जवान तैनात रहे

UP में गरजा बुलडोजर, देवरिया में 50 साल पुरानी अवैध मजार गिराई, 300 जवान तैनात रहे

देवरिया में प्रशासन ने 50 साल पुरानी अवैध मजार पर बुलडोजर चलाया। 6 घंटे चली कार्रवाई, सोमवार को फिर ध्वस्तीकरण होगा।

up में गरजा बुलडोजर देवरिया में 50 साल पुरानी अवैध मजार गिराई 300 जवान तैनात रहे

देवरियाः उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में रविवार को प्रशासन ने अवैध कब्ज के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यहां करीब 50 साल पुरानी अवैध मजार को गिराने की कार्रवाई की गई। लगभग 6 घंटे तक चले इस अभियान में तीन बुलडोजरों की मदद से मजार परिसर के मुख्य गेट, बाउंड्री वॉल, छह पिलर, तीन दुकानें और गुंबद को गिरा दिया गया। शाम होने के बाद रविवार की कार्रवाई रोक दी गई। सोमवार के दिन हजरत शहीद सैय्यद अब्दुल गनी शाह बाबा मजार के शेष ढांचे को फिर तोड़ा जाएगा। प्रशासन के अनुसार सोमवार को बेसमेंट की छत और हॉल का ध्वस्तीकरण किया जाएगा।

नगर पालिका ने इस बुलडोजर कार्रवाई से पहले शुक्रवार को नोटिस जारी किया था। रविवार दोपहर करीब 12 बजे छह थानों की लगभग 300 पुलिस फोर्स के साथ नगर पालिका की टीम गोरखपुर ओवरब्रिज के पास स्थित मजार पर पहुंची। परिसर को पहले पूरी तरह खाली कराया गया। इसके बाद सुरक्षा घेरा बनाया गया और फिर ध्वस्तीकरण शुरू हुआ। मौके पर एसडीएम श्रुति शर्मा भी मौजूद रहीं।

अवैध रूप से बनी थी मजार

अब्दुल शाह गनी मजार गोरखपुर रोड ओवरब्रिज से सटी भूमि पर बनी हुई थी। वर्ष 2019 में इसकी पहली शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी से की गई थी। इसके बाद आरबीओ जेई, तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए।

क्या है विवाद की जड़

बता दें कि अब्दुल गनी मजार गोरखपुर रोड ओवरब्रिज के लिए 14 दिसंबर 2019 को प्रबंध समिति को नोटिस जारी किया गया। हालांकि मामला लगातार तारीखों में उलझता रहा। शुक्रवार को एसडीएम कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां कोर्ट ने भूमि को पहले ही बंजर घोषित कर रखा था। बचाव पक्ष न तो नक्शा पेश कर सका और न ही मजार निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर मजार को गिराने की कार्रवाई शुरू की गई। रविवार को बेसमेंट का कुछ हिस्सा तोड़ने के बाद कार्रवाई रोक दी गई। अब सोमवार को 10–11 बजे के बाद दोबारा अभियान चलाया जाएगा।

Related to this topic: