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Budaun HPCL Murder: Accused Encounter

बदायूं डबल मर्डर केस: HPCL अफसरों के कातिल का हाफ एनकाउंटर, दोनों पैरों में लगी गोली

यूपी के बदायूं में एचपीसीएल के DGM सुधीर गुप्ता और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा की हत्या के आरोपी का पुलिस ने हाफ एनकाउंटर किया। मुठभेड़ में मुख्य आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी।


बदायूं डबल मर्डर केस hpcl अफसरों के कातिल का हाफ एनकाउंटर दोनों पैरों में लगी गोली

UP News |

बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के दो अफसरों की हत्या के मामले में बड़ी खबर सामने आई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी का शुक्रवार तड़के हाफ एनकाउंटर कर दिया। मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद घायल हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

आरोपी की पहचान ठेकेदार अजय प्रताप सिंह के रूप में हुई है। उस पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डीजीएम और असिस्टेंट मैनेजर की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है।

जंगल में हथियार बरामदगी के दौरान हुई मुठभेड़

पुलिस के अनुसार आरोपी ने वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार घटना के बाद जंगल में छिपा दिया था। शुक्रवार तड़के पुलिस टीम आरोपी को हथियार बरामद कराने के लिए जंगल में लेकर गई थी। इसी दौरान उसने झाड़ियों के बीच से लोडेड तमंचा निकालकर पुलिस टीम पर फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिससे आरोपी के दोनों पैरों में गोली लग गई। घायल आरोपी को पुलिसकर्मी कंधे पर उठाकर गाड़ी तक लाए और अस्पताल पहुंचाया।

HPCL के दो अफसरों की हुई थी हत्या

इस हत्याकांड में Sudhir Gupta (55) और Harshit Mishra (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक डीजीएम सुधीर गुप्ता के सीने में दो गोलियां धंसी मिलीं, जबकि असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा के सीने के बाईं ओर गोली लगी, जो दिल को चीरते हुए पार निकल गई।

तीन महीने से मिल रही थी जान से मारने की धमकी

जांच में सामने आया है कि आरोपी अजय प्रताप सिंह पहले प्लांट में आउटसोर्स कर्मचारी था और पराली सप्लाई का ठेका लेता था। लेकिन कुछ समय पहले उसे नौकरी से निकाल दिया गया और उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। इसके बाद वह करीब तीन महीने से डीजीएम सुधीर गुप्ता को लगातार धमकियां दे रहा था।

सुधीर गुप्ता ने 4 फरवरी को मुसाझाग थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि आरोपी उनका पीछा करता है और जान से मारने की धमकी देता है। लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

डर के कारण लिया था वीआरएस

बताया जा रहा है कि धमकियों से परेशान होकर सुधीर गुप्ता ने समय से पहले वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) की अर्जी दे दी थी। उनकी नौकरी का आखिरी दिन 31 मार्च तय हुआ था। वहीं असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा ने भी अपना ट्रांसफर कराने के लिए आवेदन दिया था। लेकिन उससे पहले ही दोनों की हत्या कर दी गई।

नए डीजीएम के सामने हुई वारदात

घटना वाले दिन ही सुधीर गुप्ता की जगह नए डीजीएम लोकेश मुंबई से जॉइन करने के लिए प्लांट पहुंचे थे। बताया जाता है कि वारदात उनके सामने ही हुई। घटना के बाद वह इतने घबरा गए कि पुलिस सुरक्षा में उन्हें बरेली एयरपोर्ट तक छोड़कर आई, जहां से वे वापस मुंबई लौट गए।

पुलिस पर लापरवाही के आरोप

इस मामले में बदायूं पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई थी। डबल मर्डर के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी अजय कुमार और हल्का प्रभारी SI धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी गांव का दबंग था और उसकी राजनीतिक पकड़ मजबूत थी, इसलिए पुलिस पहले कोई कदम उठाने से बचती रही।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

गुरुवार रात करीब 11:20 बजे नोएडा से डीजीएम सुधीर गुप्ता की पत्नी रश्मि गुप्ता, बेटा आरुष और ससुर कैलाश बदायूं पहुंचे। पति का शव देखते ही पत्नी फूट-फूटकर रोने लगीं। बेटा भी मां से लिपटकर रोता रहा। परिवार का कहना है कि सुधीर गुप्ता जल्द ही काम से फ्री होकर परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने की बात करते थे, लेकिन उससे पहले ही उनकी हत्या हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।

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