गोंडा में बृजभूषण सिंह का ‘रंग बरसे’ पर गमछा डांस, बिजनौर में भाजपा विधायक सुचि मौसम ने पति संग खेली होली। यूपी में सियासी रंग और सुरक्षा सख्ती।
लखनऊ। चंद्रग्रहण की वजह से भले ही कई जगहों पर रंग खेलने को लेकर एहतियात बरता जा रहा हो, लेकिन यूपी का माहौल पूरी तरह होली वाला है। कहीं होली मिलन, कहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम और कहीं सियासी तंज के साथ रंगों का खेल। गोंडा में भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह का ‘गमछा डांस’ चर्चा में है, तो बिजनौर में भाजपा विधायक ने पति के साथ मंच पर जमकर ठुमके लगाए।
‘रंग बरसे’ पर झूमे बृजभूषण
गोंडा में आयोजित होली मिलन समारोह में बृजभूषण सिंह ने फिल्मी गाने Rang Barse पर जमकर डांस किया। गले में गमछा डाले वे पूरे गाने के दौरान उसे लहराते रहे। समर्थकों ने भी तालियां बजाकर साथ दिया।यह कार्यक्रम उनके आवास पर आयोजित थारू जनजाति होली उत्सव का हिस्सा था। बलरामपुर और श्रावस्ती से थारू समाज के लोग इसमें शामिल हुए।

बिजनौर में विधायक का होली मिलन
उधर बिजनौर में भाजपा विधायक सुचि मौसम चौधरी ने पति ऐश्वर्य चौधरी के साथ मंच पर डांस किया। दोनों ने एक-दूसरे पर गुलाल फेंका और कार्यकर्ताओं के साथ होली की शुभकामनाएं दीं। सुचि मौसम 2017 में यूपी की सबसे कम उम्र की विधायकों में शामिल रही हैं। इस बार उनका अंदाज राजनीतिक से ज्यादा पारिवारिक और उत्सवी दिखा।
अखिलेश का ‘होली स्टाइल’ संदेश
सियासत में रंगों के साथ शब्दों का खेल भी चला। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी को होली की शुभकामनाएं दीं। संदेश में लिखा पुराना हमजोली है, बुरा न मानो होली है। राजनीतिक गलियारों में इसे हल्के-फुल्के तंज के रूप में देखा जा रहा है।

पश्चिमी यूपी में एहतियात
संभल की जामा मस्जिद समेत पश्चिमी यूपी की कई मस्जिदों को तिरपाल से ढक दिया गया है, ताकि रंग न पड़े और किसी तरह का विवाद न हो। फिरोजाबाद में चर्चित एएसपी अनुज चौधरी ने फोर्स के साथ फ्लैग मार्च किया। साफ संदेश दिया — हुड़दंग बर्दाश्त नहीं होगा।
सीएम योगी की सख्ती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली से पहले अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। निर्देश दिए गए कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो। डीजे पर अभद्र गीत नहीं बजें, माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई तो तुरंत एक्शन लिया जाए। सीएम ने कहा ऐसी कार्रवाई हो जो नजीर बने। होली के इस मौसम में जहां रंग, गुलाल और डांस का उत्साह है, वहीं प्रशासन भी पूरी तरह चौकन्ना है। यूपी में इस बार त्योहार सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि सियासी और सामाजिक संदेशों का भी बन गया है।