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जाति जनगणना को सेंसस में शामिल किए जाने के फैसले पर BJP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नेहरू को याद किया

जाति जनगणना को सेंसस में शामिल किए जाने के फैसले पर BJP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नेहरू को याद किया

जाति जनगणना को सेंसस में शामिल किए जाने के फैसले पर bjp ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नेहरू को याद किया

नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सेंसस में जाति जनगणना को शामिल किए जाने का निर्णय लिया है। निर्णय लिए जाने के एक दिन भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का जिक्र किया।

मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा - "जब यह निर्णय हुआ तो कुछ लोग बौखला गए। उन्होंने कहा सरकार उनकी है, सिस्टम हमारा है। जब बात आ ही गई है तो खुलकर चर्चा करनी चाहिए। 1951 में किसकी सरकार थी और किसका सिस्टम था। अगर महात्मा गांधी और बाबा साहेब न होते, संविधान में बहस नहीं होती, सामाजिक संवेदना नहीं होती तो आरक्षण भी नहीं होता।"

"यह जगजाहिर है पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जाति आरक्षण के कितने कट्टर विरोधी हैं। विरोध केवल बयानों तक सीमित नहीं था। उन्होने राज्यों के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि, गुणवक्ता घाट जाएगी अगर जाति आधारित अवसर मिलेगा। सिस्टम किसका था। काका कालेकर की रिपोर्ट को सामने नहीं लाने का फैसला किसका था। उस समय कमान इंदिरा गांधी के हाथों में था।"

"मंडल कमीशन की रिपोर्ट को 10 साल तक कालकोठरी में बंद रखने का काम किसने किया? सिस्टम किसका था? जब वीपी सिंह की सरकार ने मंडल कमीशन को लागू किया तो भाजपा ने समर्थन किया था। पानी पी - पी कर उन्होंने ओबीसी रेजेर्वेशन के खिलाफ बयान दिए थे। कांग्रेस के मन में प्रधानमंत्री मोदी को लेकर कुंठा है। जिनकी सामाजिक न्याय, पारिवारिक न्याय तक सिमित है उनसे हम क्या अपेक्षा करें।"

"कल एक बार फिर इस देश की जनता ने सच्ची नीयत और खोखली नारेबाजी में फर्क देख लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया जातिगत जनगणना का फैसला सामाजिक न्याय के लिए NDA सरकार की प्रतिबद्धता का एक बहुत बड़ा कदम है। हमारे सारे कार्यक्रमों और योजनाओं का मूल लक्ष्य सामाजिक न्याय ही रहा है।"

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