Breaking News
  • भारत की लगातार दूसरी जीत, इटली पहली बार जीता, श्रीलंका 105 रन से नेपाल को हराया
  • दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्टों की रैंकिंग में भारत का पासपोर्ट 75वें स्थान पर पहुंचा
  • बांग्लादेश चुनाव में हिंसा- एक की मौत, दो वोटिंग सेंटर के बाहर बम धमाके
  • चांदी आज 5,835 गिरकर 2.61 लाख किलो हुई, सोना 1,175 गिरकर1.56 लाख पर आया
  • हरिद्वार-ऋषिकेश के मंदिरों में फटी जींस-स्कर्ट में नहीं मिलेगी एंट्री
  • बांग्लादेश में चुनाव की पूर्व संध्या पर एक और हिंदू की हत्या
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देंगी
  • बांग्लादेश में वोटिंग जारी, सुबह-सुबह मतदान केंद्रों पर वोटर्स की लंबी कतार
  • नई श्रम संहिता के खिलाफ देशभर में हड़ताल पर ट्रेड यूनियन, आज भारत बंद

होम > प्रदेश > मध्य प्रदेश > भोपाल

जनसभा में देर पहुंचे अफसर तो पैर छूने लगे BJP एमपी रोडमल नागर, कहा-बेवकूफों की तरह…

जनसभा में देर पहुंचे अफसर तो पैर छूने लगे BJP एमपी रोडमल नागर, कहा-बेवकूफों की तरह…

जल जीवन मिशन के आयोजित हुए कार्यक्रम में अफसर देरी से पहुंचे तो बीजेपी सांसद रोडमल नागर नाराज हो गए। इसका उन्होंने अनोखे तरह से विरोध जताया।

जनसभा में देर पहुंचे अफसर तो पैर छूने लगे bjp एमपी रोडमल नागर कहा-बेवकूफों की तरह…

राजगढ़ः मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में आयोजित हुआ जल जीवन मिशन कार्यक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां कार्यक्रम में आए सांसद उस समय सुर्खियों में आ गए। जब वह अफसर के पैर छूने लगे। इसकी वजह थी अफसर का कार्यक्रम में देरी से पहुंचना था।

अफसर की लेटलतीफी से सांसद रोडमल नागर इतने नाराज हुए कि मंच से उतरकर अफसर के पैर छूने लगे। उन्होंने कहा, बेवकूफ की तरह डेढ़ घंटे इंतजार कराया गया। इसके उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। साथ ही कहा कि केवल इवेंट करने से कुछ नहीं होता, जमीन पर काम दिखना चाहिए और होना चाहिए।

सांसद ने डेढ़ घंटे किया इंतजार

दरअसल, मामला मंगलवार को कुंडीबेह गांव में जल अर्पण कार्यक्रम के दौरान है। सासंद देश के पहले 24 घंटे नल से शुद्ध जल पाने वाले गांव पहुंचे थे। यहां कार्यक्रम के दौरान अफसरों की लेट लतीफी के चलते उन्हें लगभग डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ा।

लेट हुए अफसर

जानकारी के मुताबिक, सांसद रोडमल नागर और विधायक अमरसिंह यादव तय समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। लेकिन, दिल्ली से जल जीवन मिशन के अपर सचिव कमलकिशोर सोम, जल निगम के प्रबंध संचालक केवीएस चौधरी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी लेट आए। इस वजह से कार्यक्रम में देरी हुई और सांसद नाराज हो गए।

नाराजगी किसी व्यक्ति विशेष नहीं थी

सांसद से जब इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उनकी नाराजगी किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं थी, बल्कि जल जीवन मिशन के प्रोजेक्ट में हो रही देरी को लेकर थी। उन्होंने बताया कि कुंडीबेह सहित 25 गांवों में 24 घंटे पानी पहुंचना बड़ी उपलब्धि है। लेकिन, ऐसे प्रोजेक्ट में समय की पाबंदी और जिम्मेदारी जरूरी है।

कार्यक्रम में जल आपूर्ति शुरू होने के साथ ही कुंडीबेह गांव देशभर में उदाहरण बन गया। सांसद के शब्द और कार्यक्रम के वीडियो के कारण प्रशासनिक और सियासी हलकों में चर्चा भी हुई।

Related to this topic: