भोपाल में गैस सिलेंडर संकट के चलते शादी समारोह का मेन्यू बदला गया। 18 व्यंजनों की जगह मेहमानों को दाल-बाफले परोसे गए, जिसे लोगों ने सराहा।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक शादी समारोह के दौरान गैस सिलेंडर की कमी का सीधा असर देखने को मिला। हालात ऐसे बने कि आयोजकों को पूरा मेन्यू बदलना पड़ा और मेहमानों को पारंपरिक दाल-बाफले परोसे गए।
18 व्यंजनों का मेन्यू किया गया स्थगित
मामला भोपाल के ईटखेड़ी स्थित एक मैरिज गार्डन का है, जहां फूलमाली समाज के रोहित माली की शादी आयोजित थी। रिसेप्शन से एक दिन पहले तक गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पाए। इसके चलते परिवार को 18 व्यंजनों वाले तय मेन्यू को स्थगित करना पड़ा.दूल्हे रोहित माली के अनुसार, रिसेप्शन के लिए करीब 20 गैस सिलेंडरों की जरूरत थी। लेकिन व्यावसायिक सिलेंडरों पर प्रतिबंध और कमी के कारण कैटरर ने समय पर खाना बनाने में असमर्थता जताई।
भट्टियों पर तैयार हुआ भोजन
कैटरिंग टीम ने आयोजन से पहले ही हाथ जोड़कर स्थिति स्पष्ट कर दी। इसके बाद परिवार ने आपसी सहमति से मेन्यू बदलने का निर्णय लिया.करीब 1500 मेहमानों के लिए दाल-बाफले बनाने का फैसला किया गया, क्योंकि इसे तैयार करने के लिए गैस की बजाय भट्टी का उपयोग किया जा सकता है.कैटरर द्वारा लगभग एक दर्जन भट्टियां उपलब्ध कराई गईं। समारोह शुरू होने से पहले ही दाल-बाफले तैयार कर लिए गए.आयोजकों ने मेहमानों को स्थिति की जानकारी दी। मेहमानों ने इसे समझते हुए पारंपरिक भोजन का आनंद लिया और दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दिया।
खर्च भी हुआ कम,मेहमानों ने किया स्वागत
परिवार के अनुसार, मेन्यू बदलने से खर्च में भी कमी आई। दाल-बाफले जैसे पारंपरिक व्यंजन ने न केवल स्थिति को संभाला, बल्कि मेहमानों के बीच अलग अनुभव भी दिया.आयोजकों के अनुसार, मेहमानों ने दाल-बाफले का आनंद लिया और दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दिया.इस बदलाव से आयोजन का खर्च भी कम हुआ और सीमित संसाधनों में समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।