भोपाल-विदिशा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-146 पर 42 किमी लंबा औद्योगिक गलियारा विकसित होगा। शीत भंडारण और खाद्य इकाइयों से रोजगार बढ़ेगा।
मध्य प्रदेश औद्योगिक केंद्र विकास निगम (AKVN) जल्द ही भोपाल-कानपुर 146 नेशनल हाईवे मार्ग पर भोपाल से विदिशा के बीच 42 किमी लंबा औद्योगिक गलियारा विकसित करने की कार्ययोजना तैयार कर रहा है। निगम का मानना है कि इस कॉरिडोर के दोनों तरफ वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इसके बनने से न केवल क्षेत्र का विकास होगा, बल्कि आसपास के गांवों के सैकड़ों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
निगम के सूत्रों के अनुसार, इस गलियारे के लिए पहले चरण में भोपाल-कानपुर नेशनल हाईवे का चयन किया गया है। केंद्र सरकार की इकोनॉमिक कॉरिडोर विकास योजना के तहत भोपाल से विदिशा के बीच नेशनल हाईवे निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसे भोपाल की वीएलसी कंपनी द्वारा बनाया जा रहा है।नेशनल हाईवे के इस 42 किलोमीटर हिस्से में AKVN सड़क के दोनों तरफ के क्षेत्र को लघु एवं मध्यम दर्जे की एकीकृत निर्माण इकाइयों और लॉजिस्टिक क्लस्टर के रूप में विकसित करेगा। इसके लिए दिसंबर 2026 की अंतिम डेडलाइन तय की गई है।
नर्मदापुरम और सीहोर रोड पहले से विकसित
AKVN के सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में राजधानी का अधिकतर विकास नर्मदापुरम रोड और इंदौर रोड पर हुआ है, जहां दोनों दिशाओं में करीब 30-40 किमी लंबा इकोनॉमिक गलियारा विकसित हो चुका है। यहां लगभग 200 से अधिक कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस और अन्य इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं।इन परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है। अब दूसरे गलियारे के बनने से रायसेन, सांची और विदिशा रोड का भी तेजी से विकास होगा। यहां नए प्रोजेक्ट आने से विकास की नई संभावनाएं बनेंगी।चूंकि नर्मदापुरम रोड से इसे जोड़ने के लिए पहले से बायपास मौजूद है और इंदौर रोड की ओर प्रस्तावित पश्चिमी बायपास से भी यह मार्ग जुड़ेगा, इसलिए इसका व्यावसायिक महत्व और बढ़ जाएगा।
यह होंगे बड़े फायदे
भोपाल-कानपुर नेशनल हाईवे कुल 526 किमी लंबा है, जिसमें 360 किमी हिस्सा मध्य प्रदेश में आता है। इस हिस्से पर फोर-लेन सड़क विकसित करने का काम तेज गति से चल रहा है।इकोनॉमिक गलियारा विकसित करने के लिए भोपाल, विदिशा, सागर और छतरपुर में भूमि अधिग्रहण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। इसके आगे 166 किमी हिस्सा उत्तर प्रदेश में आता है, जहां 6-लेन सड़क बनाई जाएगी।भोपाल के रत्नागिरी तिराहा से विदिशा मोरीकोडी तक 42 किमी का यह खंड फोर-लेन हाईवे होगा। इस माह भोपाल, विदिशा, सागर और छतरपुर में चौड़ीकरण का कार्य धरातल पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है।
किसानों और युवाओं को मिलेगा लाभ
इस इकोनॉमिक कॉरिडोर में दीवानगंज, सलामतपुर, रायसेन और विदिशा समेत लगभग 100 से अधिक गांव और कस्बे शामिल होंगे। यहां के युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित होने से किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा। कृषि उत्पादों के भंडारण और परिवहन की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।भोपाल से कानपुर पहुंचने में अभी 12-13 घंटे लगते हैं, लेकिन इस मार्ग के विकसित होने के बाद यह दूरी 7 से 8 घंटे में पूरी की जा सकेगी।
NHAI को मध्य प्रदेश वाले हिस्से के लिए 3600 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है।
“भोपाल-कानपुर नेशनल हाईवे में भोपाल से विदिशा तक 42 किमी के हिस्से को औद्योगिक गलियारे के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके बनने से क्षेत्र का तेजी से विकास होगा और युवाओं को रोजगार मिलेगा।”
- प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर