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भोपाल में अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का शिकंजा! हुजूर बना ‘हॉटस्पॉट’, बुलडोजर कार्रवाई की चेतावन

भोपाल में अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का शिकंजा! हुजूर बना ‘हॉटस्पॉट’, बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी

भोपाल के हुजूर क्षेत्र में 125 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां चिन्हित। प्रशासन ने निवेश न करने की दी चेतावनी, बुलडोजर कार्रवाई तय।

भोपाल में अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का शिकंजा हुजूर बना ‘हॉटस्पॉट’ बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी

भोपालः मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बढ़ती आबादी को छत चाहिए। लोगों की इसी जरूरत का फायदा उठाकर अवैध कॉलोनाइजर खुलेआम गोरखधंधे का खेल खेलने में लगे हैं। भोपाल के आसपास हालात ऐसे बन गए हैं कि जहां जमीन दिखी, वहीं प्लॉटिंग शुरू हो गई। ताजा तस्वीर यह है कि नरेला को पीछे छोड़ते हुए हुजूर क्षेत्र अवैध कॉलोनियों का नया गढ़ बन चुका है।

संयुक्त सर्वे में बड़ा खुलासा

जिला प्रशासन और जिला पंचायत की संयुक्त सर्वे रिपोर्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हुजूर क्षेत्र में सवा सौ से ज्यादा ऐसी कॉलोनियां चिन्हित की गई हैं, जहां बिना किसी वैधानिक अनुमति के निर्माण और प्लॉटिंग की गई है। प्रशासन ने साफ शब्दों में लोगों से अपील की है कि इन कॉलोनियों में निवेश न करें। जो लोग पहले ही पैसा लगा चुके हैं, उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाएगा, लेकिन अवैध निर्माण पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

बुलडोजर की चेतावनी

प्रशासन का कहना है कि मध्यप्रदेश सरकार के निर्देशानुसार अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर बुलडोजर चलाया जाएगा। यह कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से की जाएगी ताकि किसी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे।

किन इलाकों में सबसे ज्यादा गड़बड़ी

हुजूर तहसील के एसडीएम विनोद सोनकिया के मुताबिक, बिलखिरिया, नीलबड़, सेमरी वाज्याफ्त, रोलूखेड़ी, छापरी गांव, मुगालिया छाप और कानासैंया जैसे इलाकों में बिना अनुमति के धड़ल्ले से प्लॉट काटे जा रहे थे।

35 करोड़ की जमीन से हटाया अतिक्रमण

बीते कुछ महीनों में कलेक्टर के निर्देश पर करीब 25 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। जांच में सामने आया कि इन कॉलोनियों के पास न तो रेरा की मंजूरी थी और न ही वैध कॉलोनाइजर लाइसेंस। ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी की गई है।

नगरीय सीमा से सटे गांव बने निशाना

नगरीय सीमा से लगे कई गांव अवैध कॉलोनियों की चपेट में आ गए हैं। इनमें सेवनिया ओंकारा, कोटरा, पिपलिया बेरखेड़ी, कुराना, थुआखेड़ा, कालापानी, सुरैया नगर, छावनी पठार, खंडाबर, सिकंदराबाद, शोभापुर, कोलुआ खुर्द, नरेला वाज्याफ्त, इब्राहिमपुरा, जगदीशपुर, कलखेड़ा, हज्जामपुरा, अचारपुरा, बसई, परेवाखेड़ा, ईंटखेड़ी रोड, अरवलिया, मुबारकपुर, बीनापुर और गोलखेड़ी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

निवेश से पहले सतर्कता जरूरी

प्रशासन की कार्रवाई से साफ है कि आने वाले दिनों में अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा और कसेगा। विशेषज्ञों की मानें तो घर खरीदने या प्लॉट लेने से पहले वैध अनुमति, रेरा रजिस्ट्रेशन और कॉलोनाइजर लाइसेंस की जांच करना बेहद जरूरी है, वरना सपनों का घर भी परेशानी में बदल सकता है। 

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