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भोपाल एयरपोर्ट पर कोहरे में भी उतर सकेंगे विमान, 27 नवंबर से CAT-2 सिस्टम

भोपाल एयरपोर्ट पर कोहरे में भी उतर सकेंगे विमान, 27 नवंबर से CAT-2 सिस्टम

राजाभोज एयरपोर्ट पर CAT-2 सिस्टम लागू, अब 350 मीटर विजिबिलिटी में भी विमान उतर सकेंगे। भोपाल देश का तीसरा एयरपोर्ट बना।

भोपाल एयरपोर्ट पर कोहरे में भी उतर सकेंगे विमान 27 नवंबर से cat-2 सिस्टम

भोपाल की ठिठुरती सर्दियों में अक्सर उड़ानें कोहरे के कारण लेट हो जाती थीं, लेकिन इस बार तस्वीर बदलने वाली है। राजाभोज एयरपोर्ट पर कैटेगरी-2 (CAT-II) लैंडिंग सिस्टम की स्थापना पूरी हो चुकी है और इसका सफल परीक्षण भी दर्ज किया गया। यह सिस्टम 27 नवंबर से औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही भोपाल देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा, जहां बेहद कम दृश्यता में भी विमान सुरक्षित लैंड कर सकेंगे।

राजाभोज एयरपोर्ट में लगा पहला कैट-2 लैंडिंग सिस्टम

एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, CAT-II सिस्टम से विमान 350 मीटर तक की विजिबिलिटी में भी आसानी से उतर सकेंगे। अभी तक यहां कैटेगरी-1 सिस्टम उपयोग में था, जिसमें दृश्यता कम होने पर उड़ानों को या तो डायवर्ट करना पड़ता था या देरी का सामना करना पड़ता था।कार्यकारी डायरेक्टरों और तकनीकी टीमों ने पिछले कुछ हफ्तों में हर आवश्यक परीक्षण पूरा कर लिया है। ग्राउंड लाइटिंग सिस्टम पहले से ही सक्रिय था, जिसे नए उपकरणों के साथ सिंक्रोनाइज़ किया गया है।

देश का तीसरा और प्रदेश का पहला एयरपोर्ट

 कैटेगरी-2 तकनीक फिलहाल केवल कोलकाता और अमृतसर में लागू है। 27 नवंबर को इसके सक्रिय होते ही राजाभोज एयरपोर्ट देश का तीसरा और मध्यप्रदेश का पहला एयरपोर्ट कहलाएगा, जहां कोहरा रहने पर भी विमान सामान्य रूप से उतर सकेंगे। एयरलाइंस के लिए यह एक बड़ी राहत होगी, क्योंकि मौसम बिगड़ने पर भी फ्लाइट डायवर्जन की संभावना काफी कम हो जाएगी। इससे आने वाले महीनों में नई उड़ानों का बढ़ना भी लगभग तय माना जा रहा है।

डीजीसीए की अनुमति मिल चुकी, प्रशिक्षण पूरा

नए सिस्टम को लागू करने के लिए DGCA से आवश्यक अनुमति मिल चुकी है। सभी तकनीकी कर्मचारियों और एयर ट्रैफिक टीमों का प्रशिक्षण भी पूरी तरह संपन्न हो चुका है। अधिकारियों का मानना है कि CAT-II सिस्टम लागू होने के बाद भोपाल एयरपोर्ट की ऑपरेशनल क्षमता और समयपालन दोनों बेहतर होंगे।

कैसे काम करता है CAT-II लैंडिंग सिस्टम?

कैटेगरी-2 एक उन्नत इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) है, जो पायलटों को कम दृश्यता में भी बेहद सटीक दिशा-निर्देश प्रदान करता है। यह रनवे तक विमान को सीधी, सुरक्षित और नियंत्रित एप्रोच देता है, ताकि कोहरा, धुंध या खराब मौसम भी लैंडिंग में बाधा न बने। पायलटों को आवश्यक विज़ुअल रेफरेंस मिलते हैं, जिससे विमान सुरक्षित रूप से रनवे पर ला सकते हैं। राजाभोज एयरपोर्ट के डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है “राजाभोज एयरपोर्ट में देश का तीसरा CAT-II सिस्टम स्थापित हो चुका है। 27 नवंबर से इसे उपयोग में ले आएंगे। इसके बाद 350 मीटर विजिबिलिटी में भी विमान बिना दिक्कत लैंड हो सकेंगे।”

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