भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के अंडरग्राउंड हिस्से के लिए सुरंग निर्माण शुरू हो गया है। पुल बोगदा से सिंधी कॉलोनी तक करीब 5 किमी सुरंग टीबीएम मशीनों से बनाई जाएगी।
भोपाल। भोपाल मेट्रो के ऑरेंज लाइन प्रोजेक्ट ने सोमवार से एक बड़ी छलांग लगाई है। करोंद से एम्स के बीच बन रही इस लाइन के सबसे चुनौतीपूर्ण अंडरग्राउंड स्ट्रेच की खुदाई के लिए भारी-भरकम टनल बोरिंग मशीनें यानी टीबीएम तैनात कर दी गई हैं। ये मशीन बोगदा पुल के नीचे आज पहुंचा दी गई है। यहां से सिंधी कॉलोनी तक जमीन की अंदर मेट्रो लाइन बिछेगी।
एमपी मेट्रो कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि यह चुनौतीपूर्ण कार्य हमारे प्रोजेक्ट का बड़ा हिस्सा है। इसलिए यह हिस्सा सबसे पेचीदा माना जा रहा है। पुल बोगदा से भोपाल रेलवे स्टेशन, नादरा बस स्टैंड और सिंधी कॉलोनी जैसे घने बसे इलाकों के नीचे सुरंग बनाना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।
शहर के नीचे उतरेगी मेट्रो
प्रोजेक्ट के इंजीनियरों ने पुष्टि की है कि अत्याधुनिक टीबीएम मशीनों को लॉन्च शाफ्ट में उतारा जा चुका है। ये मशीनें एक साथ दो टनल तैयार करेंगी, ताकि यात्रियों की आवाजाही में कोई रुकावट न आए। यह वह पड़ाव है, जहां मेट्रो असल मायने में शहर के नीचे उतरेगी।
टीबीएम तकनीक से नहीं होगा नुकसान
इंजीनियरों के मुताबिक, जमीन के नीचे की मिट्टी और पानी का रिसाव बड़ी चुनौतियां हैं। लेकिन आधुनिक टीबीएम तकनीक को इसी तरह की बदलती भौगोलिक परिस्थितियों के लिए डिजाइन किया गया है। खास बात यह है कि इन मशीनों के काम करने से ऊपर मौजूद ऐतिहासिक इमारतों और पुराने ढांचों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। हमारा मकसद सतह की जिंदगी को डिस्टर्ब किए बिना तेज रफ्तार सफर सुनिश्चित करना है।
2028 तक बदल जाएगी भोपाल की सूरत
भोपाल मेट्रो के पीआरओ धीरज शुक्ला ने बताया कि ऑरेंज लाइन का करीब 15 किलोमीटर का हिस्सा करोंद चौराहे को सीधे एम्स से जोड़ेगा। सुभाष नगर से एम्स तक का एलिवेटेड हिस्सा दिसंबर 2025 में ही शुरू हो चुका है। अब लक्ष्य यह है कि अगले 2 साल के भीतर ऑरेंज और ब्लू दोनों लाइनों का काम पूरा कर लिया जाए। अंडरग्राउंड सेक्शन शुरू होते ही भोपाल के सबसे व्यस्त कमर्शियल हब के बीच कनेक्टिविटी का नया दौर शुरू होगा।