भोपाल में 195 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए तैयार हैं। रूट और टाइमिंग का इंतजार है। दो हाईटेक डिपो बनकर तैयार हैं और जल्द ही शहर में ई-बस सेवा शुरू होने की संभावना है।
भोपाल। केंद्र सरकार ने भोपाल शहर में चलाने के लिए 195 नई इलेक्ट्रिक बसे दे दी है। इनमें से पहले चरण में 100 बसें शहर में पहुंच गई है। ये ई- बसें कस्तुरबा नगर और हिरदाराम नगर डिपो से चलेगी। नगर निगम की ये बसें रूट और समय-सारिणी का इंतजार कर रही है। निगम ने फिलहाल इन बसों को घनी आबादी और चौड़ी सडक़ों पर दौड़ाने की योजना तैयार कर रही है।
नगर निगम की संचालन करने वाली कंपनी बीसीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि इन बसों का रूट चार्ट और टाइमिंग बहुत जल्द तैयार हो जाएगा। फिलहाल इन बसों का ट्रायल शहर की सडक़ों पर किया जा रहा है। ये बसें पहले वाली डीजल बसों से अधिक आरामदेह सफर के साथ ही ध्वनि प्रदूषण से यात्री को मुक्त रखेगी। इससे शहर में प्रदूषण और शोर भी काफी हद तक कम हो जाएगा।
सोच-समझकर तय तैयार किए जाएंगे रूट
बताया जाता है कि पहली बार केंद्र सरकार से भोपाल को ई-बसें मिली है। इसलिए भोपाल की आबादी को देखते हुए इन बसों के रूट बहुत सोच-समझकर तय किए जा रहे हैं। नगर निगम की कोशिश है कि घनी आबादी वाले मोहल्लों को शहर के बाहरी इलाकों से जोड़ा जाए। शुरुआत में इन बसों को मौजूदा सिटी बस मैनेजमेंट के जरिए ही चलाएंगे। इसके बाद धीरे-धीरे बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
फिलहाल इन बसों को पांच मार्गों पर चलाने की योजना है। ये मार्ग कौन से हैं? इसका खुलासा कंपनी ने नहीं किया है। हालांकि अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जहां चौड़ी सडक़ें और घनी आबादी है, वहां इन बसों को चलाया जाएगा। इस हिसाब से कोलार, न्यू मार्केट, कमला पार्क, स्मार्ट सिटी क्षेत्र नेहरू नगर, चूनाभट्टी, शाहपुरा, नर्मदापुरम रोड, कटारा हिल्स, भेल, अवधपुरी, पटेल नगर, अयोध्या बायपास आदि में इन बसों के चलाने की संभावना है। इसके लिए 5 रूट तैयार किए जाएंगे।
80 हजार यात्रियों का होगा आरामदायक सफर
प्रारंभिक तौर पर शहर के पांच मुख्य रूटों पर ई-बसें चलाने की योजना है। इन बसों से रोजाना लगभग 80 हजार यात्रियों का सफर आसान और सस्ता हो जाएगा। माना जा रहा है कि इस कदम से शहर की सडक़ों पर न केवल ट्रैफिक का दबाव कम करेगा, बल्कि शहर की आबोहवा को भी साफ रखने में मदद करेगा।
चार्जिंग के लिए तैयार दो हाईटेक डिपो
ई-बसों को बेहतर तरीके से चलाने के लिए प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। इन बसों के रखरखाव और चार्जिंग के लिए शहर में दो बड़े और हाईटेक डिपो कस्तूरबा नगर और बैरागढ़ में बनकर तैयार है। इन दोनों डिपो को बनाने में करीब 40 करोड़ रुपए खर्च कर चार्ज करने के लिए बड़े स्टेशन और सर्विसिंग यूनिट्स लगाई गई है। प्रत्येक डिपो में एक साथ 150 बसों को खड़ा करने की क्षमता होगी। इसी के साथ नादरा बस स्टैंड को अब सिटी बस टर्मिनल के रूप में विकसित कर रहे हैं। यहां से ई-बसों का संचालन सुव्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।
ई-बसों में ये सुविधाएं
- ई- बसों में महिला सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। बसों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि महिलाएं आसानी से सफर कर सकें।
- बसों में दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर के लिए खास जगह और ऑटोमैटिक लिफ्ट दिया गया है।
- हर बस में जीपीएस तकनीक के साथ पैनिक बटन और लाइव सीसीटीवी कैमरे लगे है।
- यात्री सिटी बस मोबाइल ऐप के जरिए देख सकेंगे कि बस कितनी देर में स्टॉप पर आएगी? बस के अंदर अगले स्टॉप की जानकारी डिजिटल स्क्रीन पर दिखते रहेगी।
इनका कहना है..
भोपाल शहर में ई- बसों को चलाने के लिए नगर निगम तैयारियों में जुटा है। जल्द ही रूट प्लान और समय- सारिणी की घोषणा करेंगे। इससे पहले दोनों हाइटेक डिपो का निर्माण प्रगति पर है। शहरवासियों को पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम डॉ मोहन यादव के सहयोग से सबसे बड़ी सौगात दी जा रही है। मनोज राठौर, चेयरमेन, बीसीसीएल भोपाल।