भोपाल में राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट खेल महोत्सव शुरू। 25 टीमें 100 घंटे तक लगातार क्रिकेट खेलेंगी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे उद्घाटन
26 फरवरी तक होगा राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट खेल महोत्सव
पहली बार देशभर के दिव्यांगजन राजधानी में रविवार, 22 फरवरी से लगातार 100 घंटे तक क्रिकेट खेलकर अपनी प्रतिभा का परिचय कराएंगे। इस अनूठे आयोजन का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 10 बजे नेहरू नगर भौंरी स्थित पुलिस स्टेडियम में करेंगे। इसका आयोजन महोत्सव कुशाभाऊ ठाकरे न्यास, टास्क इंटरनेशनल समेत अन्य संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है। आयोजन का प्रदर्शन गिनीज, लिमका तथा एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों के समक्ष होगा।
राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट खेल महोत्सव के कार्यक्रम संयोजक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने बताया कि दिव्यांगजन दया के नहीं, अवसर के पात्र हैं। इस आयोजन के माध्यम से दिव्यांगजनों को आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक चेतना का सशक्त संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया भी मौजूद रहे।
कुशाभाऊ ठाकरे की जन्म शताब्दी पर आयोजन
बता दें कि कुशाभाऊ ठाकरे की जन्म शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। इस अवसर पर दिव्यांगजनों की 25 टीमें लगातार 100 घंटे क्रिकेट खेलकर एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने जा रही हैं।
इस महोत्सव का यह रहेगा आकर्षण
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बिना थके दिन-रात लगातार 100 घंटे तक 26 फरवरी तक खेल जारी रहेगा। खेल महोत्सव में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, दिल्ली सहित 8 राज्यों के साथ मध्यप्रदेश के स्थानीय दिव्यांगजन भी क्रिकेट खेलेंगे।
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प्रत्येक मैच आईपीएल तर्ज पर 4-4 घंटे का होगा। इसमें दो तरह की गेंदों का उपयोग किया जाएगा। अंधे दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए आवाज वाली गेंद और अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए क्वार्क बॉल का प्रयोग किया जाएगा।
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पहली बार जमीन पर बैठकर चलने वाले दिव्यांग भी क्रिकेट खेलेंगे। इसके अलावा दिव्यांगजनों की क्षमतानुसार विभिन्न श्रेणियों में खेल होंगे। इसमें व्हीलचेयर, अंधे, मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चे, युवा तथा महिला-पुरुष खिलाड़ी अपना प्रदर्शन करेंगे।
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खेल का कवरेज करने गिनीज, लिमका और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि भी आ रहे हैं। इसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किए जाने की संभावना है।
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पिछले लगभग 20 वर्षों से दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण एवं सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे कार्यक्रम संयोजक डॉ. राघवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में यह महोत्सव खेल के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन और नई सामाजिक चेतना का संदेश देगा।