भोपाल में डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के मामलों में ढाई महीने बाद एफआईआर दर्ज। 19 लोगों से 74 लाख की ठगी, कई केस अब भी लंबित
केंद्र सरकार की फटकार के बाद जागी मध्यप्रदेश साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने 19 लोगों के साथ 74 लाख रुपए की साइबर फ्रॉड के मामले दर्ज किए हैं।दरअसल, बागसेवनिया इलाके में ढाई महीने पहले एक वृद्धा को डिजिटल अरेस्ट कर 31 लाख 60 हजार रुपए की ठगी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की थी।अब बागसेवनिया थाना पुलिस को प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए, जिसके बाद गुरुवार दोपहर करीब दो बजे मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार यह वारदात 1 दिसंबर 2025 को अहमद नगर कॉलोनी में हुई थी। यहां उर्मिला शुक्ला, पति सतेंद्र शुक्ला, को जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट कर रखा था।इसके अलावा ऐशबाग थाना पुलिस ने भी साइबर फ्रॉड के दो प्रकरण दर्ज किए हैं।
दस और बारह रुपए भेजकर जाल में फंसे
इन मामलों में पीड़ित विनोद कुमार गुप्ता और हिमांशु निगम हैं। जालसाजों ने दोनों को अलग-अलग तरीकों से झांसा देकर 5 लाख 20 हजार रुपए ऐंठ लिए।बागसेवनिया स्थित रजत विहार कॉलोनी निवासी सुभाष चंद्र साहू के पास 10 जनवरी को बिजली विभाग के नाम से कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया कि उनके बिल का आईवीआरएस नंबर बदलना है, जिसके लिए ऑनलाइन 12 रुपए का भुगतान करना होगा। भुगतान के लिए भेजी गई लिंक पर क्लिक करते ही उनके खाते से करीब 4 लाख 96 हजार रुपए निकल गए।इसी तरह शाहजहांनाबाद के ईदगाह हिल्स के पास नीलकंठ कॉलोनी निवासी विजय जुमनानी के खाते से करीब 3 लाख 85 हजार रुपए की रकम निकाल ली गई।
नौ थानों में सोलह मुकदमे दर्ज
पिछले 24 घंटों के दौरान गुरुवार को राजधानी के नौ थानों में 16 अन्य साइबर फ्रॉड से जुड़े मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें करीब 37 लाख 30 हजार रुपए की रकम जालसाजों ने खातों से निकाल ली।अब तक भोपाल शहर के थानों में 48 घंटों के भीतर साइबर फ्रॉड के 45 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि दर्जनों एफआईआर अब भी लंबित हैं। इन मामलों पर भी कार्रवाई की बात कही गई है।
शातिर जालसाजों ने अपनाई नई तकनीक
दर्ज मामलों में एक लाख रुपए से लेकर साढ़े पांच लाख रुपए तक की धोखाधड़ी सामने आई है। बागसेवनिया निवासी अजय कृष्ण पांडे के मोबाइल पर एपीके फाइल की लिंक भेजी गई। लिंक खोलते ही फोन हैक हो गया और खाते से 5 लाख 56 हजार रुपए से अधिक की रकम निकाल ली गई।साइबर फ्रॉड के दर्ज प्रकरणों में फिलहाल केस डायरी सिर्फ भोपाल शहर के थानों तक पहुंची है। देहात से जुड़े मामलों में कार्रवाई अब भी बाकी है। पिछले 48 घंटों में सर्वाधिक मामले जोन-2 में दर्ज किए गए, जिनमें सबसे ज्यादा नौ प्रकरण बागसेवनिया थाना पुलिस ने दर्ज किए हैं।मिसरोद थाने में पांच प्रकरण दर्ज हुए हैं, जबकि पिपलानी थाने ने दो दिनों में चार प्रकरण दर्ज किए। इसी तरह अवधपुरी में भी चार प्रकरण दर्ज हो चुके हैं।पकड़ी गई रकम को तुरंत फ्रीज नहीं किया जा सका और उसे ट्रांसफर कर लिया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने रकम को चार-चार हजार रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया, ताकि जांच एजेंसियों को मनी ट्रेल तक पहुंचने में कठिनाई हो।
सर्वाधिक जोन-2 में दर्ज हुई एफआईआर
जोन-1 के अशोका गार्डन थाने में सर्वाधिक छह प्रकरण दर्ज हुए हैं। इसी तरह जोन-4 के कोलार रोड थाने में भी छह प्रकरण दर्ज किए गए हैं। कोलार रोड थाने में दर्ज सभी छह एफआईआर में घटना का विवरण सिर्फ दो पंक्तियों में दर्ज किया गया है।अब तक साइबर फ्रॉड की एफआईआर जोन-1, जोन-2 और जोन-4 में दर्ज हो रही थीं, लेकिन बुधवार को जोन-3 में भी प्रकरण दर्ज होना शुरू हो गए। यहां तलैया और शाहजहांनाबाद थानों में एफआईआर दर्ज की गई है।