भोपाल में कथित कन्वर्जन रैकेट का बड़ा खुलासा। झुग्गी से लग्जरी विला तक पहुंचीं बहनों पर गंभीर आरोप, गुजरात कनेक्शन और बैंक खातों की जांच जारी।
भोपाल में सामने आई यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी लग सकती है, लेकिन जांच एजेंसियों के मुताबिक इसके पीछे गंभीर आरोप और संगठित नेटवर्क की आशंका छिपी है। झुग्गी बस्ती से आलीशान विला तक पहुंचीं दो सगी बहनों पर लगे आरोपों ने राजधानी में सनसनी फैला दी है। मामला अब सिर्फ शोषण या धोखाधड़ी का नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे एक बड़े कथित कन्वर्जन नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है।
काम, शादी और फिर दबाव: ऐसे बिछाया गया जाल
पुलिस के अनुसार, दो युवतियों की शिकायत के बाद यह मामला सामने आया। एक 32 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया कि उसे पहले घरेलू काम का भरोसा दिया गया। कुछ ही समय में उसे गुजरात और मुंबई ले जाया गया, जहां अनजान लोगों से संबंध बनाने का दबाव बनाया गया। दूसरी युवती का आरोप है कि उसे शादी का सपना दिखाया गया। जब उसने भरोसा किया, तब उस पर धार्मिक पहचान बदलने और कुछ विशेष परंपराएं अपनाने का दबाव डाला गया। विरोध करने पर बदनामी और जान से मारने की धमकियां दी गईं। ऐसे मामलों में अक्सर पीड़िताएं सामाजिक डर के कारण सामने नहीं आ पातीं। लेकिन इस बार शिकायत ने पूरे नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं।
रिमांड पर आरोपी, बैंक खातों की जांच
बागसेवनिया थाना क्षेत्र में दर्ज मामले के बाद पुलिस ने दो सगी बहनों अमरीन उर्फ माहिरा और आफरीन में से एक तथा उनके कथित सहयोगी चंदन यादव को रिमांड पर लिया है। आफरीन को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जांच का सबसे बड़ा सवाल है—अब्बास नगर की झुग्गी में रहने वाला परिवार कुछ ही वर्षों में अशोका गार्डन और मिसरोद क्षेत्र के महंगे मकानों तक कैसे पहुंच गया? पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट, सोशल मीडिया गतिविधियों और बैंक लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है। आर्थिक स्रोतों की ऑडिट कराई जा रही है। जांच एजेंसियों को शक है कि कथित नेटवर्क से फंडिंग हो सकती है।
गुजरात से भोपाल तक: कौन हैं बाहरी मददगार?
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब गिरफ्तार आरोपियों को छुड़ाने के प्रयास में गुजरात से कुछ लोग भोपाल पहुंचे। पुलिस उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है। कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं। सवाल यह है कि क्या यह नेटवर्क मध्यप्रदेश से बाहर संचालित या समर्थित था? पुलिस मुख्यालय ने भी पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए अन्य राज्यों से समन्वय किया जा रहा है। बिलाल, यासिर और चानू नामजद आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
स्पा सेंटर से शुरू हुआ संपर्क
जांच में सामने आया कि चंदन यादव, जो सीहोर जिले के रेहटी का निवासी है, पहले वहां ईवी शोरूम चलाता था। भोपाल आने के बाद उसने एक स्पा सेंटर में मैनेजर के रूप में काम शुरू किया। बताया जा रहा है कि 2020 में उसकी मुलाकात अमरीन से हुई, जो आशिमा मॉल के पास एक स्पा में काम करती थी और पहले अहमदाबाद में भी रह चुकी थी। पुलिस मान रही है कि यहीं से संपर्कों का दायरा बढ़ा और कथित नेटवर्क ने आकार लेना शुरू किया।
हाई-प्रोफाइल पार्टियां, शराब और ड्रग्स के आरोप
एफआईआर में यह भी आरोप है कि युवतियों को हाई-प्रोफाइल पार्टियों में ले जाया जाता था। वहां अमीर युवकों से मिलवाया जाता और शराब व ड्रग्स लेने का दबाव बनाया जाता था। किसी को जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जाती थी। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं, जिनमें संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप और युवतियों की तस्वीरें मिली हैं। डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच जारी है।
लग्जरी लाइफस्टाइल जांच के घेरे में
सागर रॉयल विला में खरीदे गए कथित आलीशान मकान और तेजी से बदली जीवनशैली भी जांच का अहम हिस्सा है। किरायेदारों की सूचना स्थानीय थाने में दर्ज न कराए जाने पर मकान मालिक की भूमिका भी जांची जा रही है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि आर्थिक सहयोग कौन दे रहा था और क्या इसके तार अन्य राज्यों से जुड़े हैं।