भोपाल में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई रुकने से होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार संकट में है। दो दिन में स्टॉक खत्म होने की आशंका, समोसा-कचौरी और मिठाइयों की बिक्री भी प्रभावित हो सकती है।
भोपाल। एक ओर पहले तो तेल कंपनियों ने एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी, तो दूसरी ओर अब कमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर मंगलवार से जिला प्रशासन ने बैन लगा दिया है। इसका बड़ा प्रभाव आमजनों पर पड़ेगा। मंगलवार की शाम को कई होटलों में खानपान की चीजें बननी बंद हो सकती है। कुछ होटल वालों ने कहा कि अभी दो दिन का स्टॉक है। अगर समस्या हल नहीं हुई, तो शुक्रवार से शहर में समोसा- कचौरी, पोहा, मिठाईयां मिलना मुश्किल हो जाएगा।
सिलेंडरों पर बैन का मप्र कैटरिंग एंड टेंट एसोसिएशन ने कड़ा आक्रोश जताया है। एसोसिएशन के संयोजक रामबाबू शर्मा ने कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा कि हमारी सेवाएं इमरजेंसी व्यवस्थाओं की कैटेगरी में आती हैं। बिना एलपीजी गैस के हमारा व्यवसाय खत्म हो जाएगा। एसो. के भोपाल में 1000 सदस्य है, जोकि सडक़ पर आ जाएंगे।
14 मार्च तक 1500 शादियों के ऑर्डर
शर्मा ने कहा कि सरकार का कमर्शियल सिलेंडर पर रोक लगाना गलत है। कमर्शियल गैस सिलेंडर पर बैन नहीं लगाना चाहिए, बल्कि इसके लिए सरकार हमें वैकल्पिक व्यवस्था मुहैया कराएं या फिर घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करने की इजाजत दें। अकेले भोपाल में 14 मार्च 1500 शादियों के ऑर्डर हैं। ऐसी परिस्थित में टेंट व्यवसायी और हमें बहुत परेशानी होगी। अगर प्रदेश सरकार हमारी सुनवाई नहीं करेगी, तो हम बुधवार को सीएम डॉ मोहन यादव से मिलकर समस्या का निदान करने की मांग करेंगे।
LPG डिस्ट्रीब्यूशन एसोशिएशन की कलेक्टर के साथ बैठक
मध्यप्रदेश एलपीजी गैस डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके गुप्ता ने कहा कि प्रमुख कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी है। रोजाना अकेले भोपाल जिले की होटल, रेस्टॉरेंट, अस्पताल सहित शादी-समारोह के लिए 10 हजार सिलेंडर की खपत है। हालांकि इसमें अस्पताल जैसी इमरजेंसी सुविधाओं के लिए दूर रखा है। गुप्ता ने बताया कि मंगलवार की शाम कलेक्टर के साथ डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिशन की बैठक हुई, जिसमें जरूरी और इमरजेंसी सुविधाओं में सिलेंडर के सप्लाई पर चर्चा की गई। उन्होंने समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।
2000 होटल संकट में, सीएम से आज मिलेंगे
भोपाल में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकने से होटल-रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के मंत्री अजय देवनानी ने बताया कि शहर के 2000 से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट कमर्शियल गैस पर निर्भर हैं। शादियों के सीजन में एक बड़े होटल में एक बार में 10-15 सिलेंडर और छोटे होटल में 2-4 सिलेंडर तक इस्तेमाल होते हैं। अभी कुछ जगह स्टॉक बचा है, लेकिन दो दिन में खत्म होने की आशंका है।
3 हजार सराफा कारीगर होंगे प्रभावित
सराफा एसोसिएशन के मुताबिक गैस संकट का असर भोपाल के सोना-चांदी के करीब 3 हजार कारीगरों पर भी पड़ सकता है, जिन्हें रोज करीब 300 सिलेंडर की जरूरत होती है।