भोपाल में 57 हजार बच्चों का आधार बायोमैट्रिक अपडेट लंबित हुए। इससे स्कूलों में एडमिशन और स्कॉलरशिप पर संकट गहराया।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आधार को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां करीब 57 हजार ऐसे बच्चे है, जिन्होंने 5 और 15 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद भी अपना आधार में सुधार नहीं कराया है। अब अभिभावक बायोमैट्रिक अपडेट कराने स्कूल एडमिशन, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं के लिए आधार अनिवार्य होने पर अभिभावक केंद्रों की ओर दौड़ रहे हैं।
यूआईडीएआई के नियमों के अनुसार आधार में दो बार अनिवार्य अपडेट कराना होता है। पहला 5 वर्ष की आयु पूरी होने पर और दूसरा 15 वर्ष की आयु पर छोटी उम्र में बने आधार में केवल फोटो और डेमोग्राफिक डेटा होता है, लेकिन उम्र बढऩे के साथ उंगलियों के निशान फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतलियों आईरिस के निशान बदल जाते हैं।
अलर्ट भेजने के बाद भी लोग जागरुक नहीं
आधार केंद्र के संचालक चेतन पटेल के अनुसार यूआईडीएआई पिछले तीन वर्षों से उक्त बच्चों के अभिभावकों के फोन पर लगातार एसएमएस के जरिए अलर्ट भेज रहा था, लेकिन अधिकांश लोगों ने या तो मोबाइल नंबर बदल लिया है, या जागरूकता की कमी के चलते एसएमएस पर ध्यान नहीं दिया। अब सरकारी योजनाओं में खासकर बच्चों के आधार अपडेशन मांगी जा रही है। इसके लिए आधार केंद्रों पर लंबी कतारें लग रही है। इससे स्लॉट की भारी कमी हो गई है। वही बच्चे और अभिभावक परेशान हो रहे हैं। बता दें कि भोपाल में आधार केंद्र बीयू के सामने के अलावा सभी डाकघरों में उपलब्ध है, जहां अभिभावक बच्चों को ले जाकर अपडेट करा सकते हैं।
अपडेशन नहीं, तो योजनाओं से वंचित
यूआईडीएआई ने कहा कि यदि समय पर अपडेट नहीं कराया, तो ई-केवाईसी फेल हो सकता है। इससे छात्रवृत्ति रुकने, बैंकिंग लेनदेन में बाधा, बोर्ड परीक्षा रजिस्ट्रेशन, पैन लिंकिंग और सिम वेरिफिकेशन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं।