भोपाल में 100 घंटे का दिव्यांग टी-20 क्रिकेट महोत्सव शुरू। सीएम मोहन यादव ने उद्घाटन किया, 25 मैच दिन-रात खेले जाएंगे।
भोपाल के नेहरू नगर स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड पर ‘राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव 2026 - नॉट आउट @100’ का शुभारंभ हो गया है, यह आयोजन पूरे 100 घंटे तक बिना रुके चलेगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे क्रिकेट के क्षेत्र में एक अभिनव और साहसिक पहल बताया।
“मैचों का सिलसिला नहीं रुकेगा”
सीएम यादव ने कहा खेल का क्रम लगातार चलता रहेगा। जिसे देखना हो देखे, न देखना हो न देखे, लेकिन मैच नहीं रुकेंगे। उनके मुताबिक यह आयोजन सिर्फ खेल नहीं, बल्कि सोच में बदलाव का प्रतीक है। दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच देने का यह प्रयास समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण को मजबूत करेगा। कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ का जिक्र करते हुए कहा कि देश सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है और यह महोत्सव उसी सोच का साकार रूप है।
100 घंटे, 25 मुकाबले, 8 राज्यों की टीमें
यह टूर्नामेंट दिन-रात लगातार 100 घंटे तक चलेगा। इसमें 8 राज्यों की 6 दिव्यांग टीमें भाग ले रही हैं। कुल 25 टी-20 मुकाबले खेले जाएंगे। आयोजन का समापन 26 तारीख को शाम 4 बजे होगा। शनिवार से आधिकारिक रूप से मैचों की शुरुआत हो चुकी है और मैदान पर प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। आयोजकों का दावा है कि दुनिया में अब तक किसी भी खेल प्रतियोगिता का आयोजन लगातार 100 घंटे तक नहीं हुआ। इसी आधार पर Guinness World Records, Limca Book of Records और Asia Book of Records में आवेदन किया गया है।
सम्मानजनक पहचान की पहल
कार्यक्रम संयोजक राघवेंद्र शर्मा ने कहा कि यह आयोजन अटूट विश्वास और आत्मबल का प्रतीक है। लंबे समय तक ‘विकलांग’ शब्द से पहचाने जाने वाले लोगों को सम्मानजनक पहचान दिलाने की कोशिश इस महोत्सव के जरिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द के प्रयोग ने समाज की सोच को नई दिशा दी। डिफरेंटली एबल खिलाड़ी यहां यह साबित करेंगे कि वे अक्षम नहीं, बल्कि सक्षम हैं। राघवेंद्र शर्मा के मुताबिक करीब 50 टीमें और लगभग 600 खिलाड़ी इस महाआयोजन से जुड़े हैं। मुकाबले दिन-रात जारी रहेंगे , बिना किसी ब्रेक के।
आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे के जीवन से प्रेरित है, जिन्होंने वंचित वर्ग के लिए समर्पित भाव से काम किया। साथ ही ठाकुर अपारबल सिंह के सामाजिक सरोकारों से भी प्रेरणा ली गई है। आयोजक संस्था ‘टास्क इंटरनेशनल’ का कहना है कि यह महोत्सव केवल रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज को एक मजबूत संदेश देने के लिए है क्षमता शरीर की नहीं, हौसले की मोहताज होती है।