मुरैना के दिव्यांग खिलाड़ी भरत रावत ने नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स 2026 में जैवलिन थ्रो में गोल्ड और शॉट पुट में सिल्वर मेडल जीतकर मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया।
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के झुंडपुरा गांव के दिव्यांग खिलाड़ी भरत रावत ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राजधानी New Delhi के Jawaharlal Nehru Stadium में आयोजित World Para Athletics Grand Prix 2026 में भरत रावत ने दो पदक जीतकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। भरत रावत इस प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश के इकलौते ऐसे खिलाड़ी बने, जिन्होंने दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक हासिल किए। उनके प्रदर्शन ने खेल जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
जैवलिन थ्रो में गोल्ड, शॉट पुट में सिल्वर
प्रतियोगिता के दौरान भरत रावत ने दो स्पर्धाओं में हिस्सा लिया और दोनों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
व्हीलचेयर एथलीट के रूप में भरत का यह प्रदर्शन उनके निरंतर अभ्यास और समर्पण को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा मानी जा रही है। भरत की इस उपलब्धि पर उनके कोच और दिव्यांग मेंटर मुजीब खान ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि छोटे गांव से निकलकर विश्व मंच पर पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है। उनके अनुसार, भरत रावत आगामी Asian Games 2026 की तैयारी में जुटे हैं और लगातार अभ्यास कर रहे हैं। कोच का मानना है कि अगर तैयारी इसी तरह जारी रही, तो वे भविष्य में देश के लिए और बड़े पदक जीत सकते हैं।

भरत रावत की सफलता की खबर सामने आने के बाद Morena सहित पूरे Madhya Pradesh में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह उपलब्धि प्रेरणादायक उदाहरण है, जो यह साबित करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतिभा और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।