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कांग्रेस के मंथन से बाबा का किनारा, पायलट बोले निष्क्रियों पर होगी कार्रवाई

कांग्रेस के मंथन से बाबा का किनारा, पायलट बोले निष्क्रियों पर होगी कार्रवाई

कांग्रेस के मंथन से बाबा का किनारा पायलट बोले निष्क्रियों पर होगी कार्रवाई

Chhattisgarh Politics : रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठन के स्तर पर बड़े बदलाव हो सकते हैं। प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने अपने प्रवास के दौरान इसके साफ संकेत भी दे दिए हैं। पायलट ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में बुधवार को पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक ली।

इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व मंत्री विधायक और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए, लेकिन वह एक नेता, जिसे मीडिया के कैमरे ढूंढ रहे थे, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री रहे टीएस सिंह देव ने बैठक से किनारा किया। बैठक के बाद जब पायलट से पत्रकारों ने सवाल पूछा तो उन्होंने निष्क्रिय नेताओं पर कार्रवाई की बात कही है। राजनीतिक पंडित इस बयान को बाबा के प्रदेश अध्यक्ष बनाने के रास्ते का रोड़ा बता रहे हैं।

दरअसल, सरकार रहते पांच सालों तक भूपेश बघेल पार्टी के सबसे बड़े चेहरे बने रहे, जिन्हें अब पंजाब का प्रभारी बना दिया गया है। पार्टी के इस फैसले को बघेल को छत्तीसगढ़ की राजनीति से दूर करने से जोड़ कर देखा जाता है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में नए प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि सिंह देव पार्टी के अध्यक्ष बनते हैं तो बड़े शक्ति के केंद्र के रूप में उभर सकते हैं। पांच सालों तक बघेल का जो दबदबा पार्टी नेताओं के बीच रहा वह भी कम हुआ है। ऐसे में बाबा का राजनीतिक सफर थोड़ा आसान हो सकता था।

बाबा के साथ पहले भी हुआ खेला

सरगुजा महाराज के साथ पहली बार ऐसा नहीं हो रहा है कि उनके लिए आरक्षित की गई कुर्सी पर कोई और बैठ गया हो। इससे पहले 2019 के विधानसभा चुनाव में पार्टी बाबा को मुख्यमंत्री बनाने का सपना दिखा चुकी है, लेकिन यह वादा सपना ही बनकर रह गया। 5 सालों तक बघेल सरकार में बाबा की जमकर दुर्गति की गई और आखिर में सरकार जाने के 6 महीने पहले, उन्हें डिप्टी सीएम बनाकर लॉलीपॉप पकड़ा दिया गया।

इस बार भी प्रदेश अध्यक्ष को लेकर बाबा की उम्मीदवारी सबसे मजबूत मानी जा रही थी, लेकिन एक बार फिर से खेल खराब होता नजर आ रहा है। कांग्रेस को मजबूत करने की तैयारी: सचिन पायलट ने कहा कि बैठक में कांग्रेस को मजबूत करने, आगामी रणनीति तैयार करने, चुनाव हार की समीक्षा सहित कई विषयों पर चर्चा की गई।

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