राम मंदिर के नए CEO एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने नियुक्ति के बाद पहला बयान दिया। उन्होंने कहा कि बीते समय की बजाय आने वाले समय पर ध्यान देना चाहिए और भगवान राम की कृपा से आगे सब अच्छा होगा।
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध राम मंदिर के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) को मंदिर का पहला CEO नियुक्त किया है। जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताया। जीतेंद्र मिश्र ने कहा कि इतने उम्मीदवारों में से उनका चयन होना भगवान राम का आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना में 43 साल देश की सेवा करने के बाद अब उन्हें श्री राम मंदिर और राम भक्तों की सेवा करने का अवसर मिला है।
राम मंदिर का सीईओ नियुक्त किए जाने के बाद मिश्र ने चयन समिति, राम मंदिर ट्रस्ट और भगवान श्री राम के प्रति आभार जताया। मिश्रा ने कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाने का प्रयास करेंगे।
बीते समय पर नहीं, आगे की बात
जीतेंद्र मिश्रा ने कहा कि वह बीते समय की बात नहीं करना चाहते। उनका ध्यान आने वाले समय पर है। उन्होंने भरोसा जताया कि भगवान राम की कृपा से आगे सब अच्छा होगा।
कौन हैं एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा
जीतेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन हासिल किया था। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने 18 से ज्यादा प्रकार के विमानों पर उड़ान भरी और 3,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव हासिल किया। वह भारतीय वायुसेना में कमांडिंग-इन-चीफ जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी रहे। इसके अलावा उन्होंने एकीकृत रक्षा स्टाफ में उप प्रमुख (सिद्धांत, संगठन एवं प्रशिक्षण) की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने भारत के अलावा अमेरिका और ब्रिटेन के प्रतिष्ठित रक्षा संस्थानों से भी प्रशिक्षण हासिल किया है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निभाई अहम भूमिका
जीतेंद्र मिश्रा के सैन्य करियर में ऑपरेशन सिंदूर भी एक अहम पड़ाव रहा। इस दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारी निभाई। बड़े संगठनों के संचालन, नेतृत्व और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का उनका अनुभव राम मंदिर की नई भूमिका में भी काम आएगा।
सैन्य अनुशासन से राम मंदिर प्रबंधन तक
राम मंदिर अब सिर्फ निर्माण परियोजना नहीं है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, कर्मचारी प्रबंधन, श्रद्धालु सुविधाएं और अलग-अलग विभागों व एजेंसियों के बीच समन्वय बड़ी जिम्मेदारियां हैं। राम मंदिर के पहले CEO के रूप में जीतेंद्र मिश्रा इन व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वायुसेना में हासिल उनका अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और बड़े संस्थानों के संचालन का अनुभव मंदिर प्रशासन के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
भोपतपुरा से अयोध्या तक नया अध्याय
देवरिया के भोपतपुरा गांव से निकलकर भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे जीतेंद्र मिश्रा के करियर में अब एक नया अध्याय जुड़ गया है। राम मंदिर के पहले CEO के तौर पर उनके सामने देश-दुनिया से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस बड़े धार्मिक केंद्र की व्यवस्था को सुचारु रखने की चुनौती होगी।